अब झारखंड में बांग्लादेशी और रोहिंग्या का भारी मात्रा में होगा घुसपैठ, राज्य एवं देश की सुरक्षा के लिए है खतरा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या का भारी मात्रा में घुसपैठ की आशंका जताते हुए विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही यह तय है कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठ झारखंड -बिहार में सर्वाधिक हो सकती है।
झारखंड सहित अन्य प्रदेशों में रहने वाले बांग्लादेशियों का सुरक्षित स्थान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद है। मुर्शिदाबाद अब बांग्लादेशियों एवं रोहिंग्यों के लिए सुरक्षित स्थान नहीं रह गया है क्योंकि नयी सरकार के गठन होने के साथ ही रोहिंग्या व बांग्लादेशी घुसपैठ को समाप्त करने का संकल्प है।
झारखंड के किसी भी क्षेत्र में रहने वाले इन रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों से बात करने पर वे हमेशा मुर्शिदाबाद से आने का ही नाम लेते रहे हैं। ऐसे में मुर्शिदाबाद से सटे साहिबगंज व पाकुड़ के रास्ते झारखंड के विभिन्न जिलों में भारी मात्रा में आना तय है।
यूँ तो देश के अनेक जिलों में घुसपैठियों का वर्चस्व है। झारखंड का साहिबगंज एवं पाकुड़ इसका ज्वलंत उदाहरण है। झारखंड में यदि घुसपैठियों को रोकने का कड़े कदम नहीं उठाये जाते हैं तो आने वाला समय में पश्चिम बंगाल के जैसा ही झारखंड का वातावरण बनने में देर नहीं लगेगी।
साहिबगंज- पाकुड़ सहित कई जिलों में इस प्रकार की गतिविधियां आज देखने को मिल भी रही है जिसका नजर अंदाज करना प्रदेश एवं देश के आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रभाव पड़ेगी।