- 4 प्रखंड समिति मिल 40 दिवसीय गायत्री पुरश्चक्रण की पूर्णाहूति व सम्मान समारोह हर्षोल्लास संपन्न
- भगवत्कार्य में साझेदारी और श्रेय सौभाग्य वरण का अनुपम अवसर है : जिला समन्वयक
एबीएन सोशल डेस्क। बुंडु सब डिविजन के तमाड़ प्रखंड की गायत्री प्रज्ञापीठ परिसर में नवयुग सृजन अभियान अंतर्गत ग्रामे ग्रामे यज्ञ और गृहे गृहे गायत्री उपासना प्रचार-प्रसार क्रम और सजल श्रद्धा स्वरूपा गुरुमाता भगवती देवी के पावन जन्म शताब्दी वर्ष, दिव्य अखंड ज्योति सह गुरुवरश्रीपूज्यवर के 24-24 लाख की 24 के महापुरश्चक्रण के शताब्दी वर्ष अनुयाज प्रक्रिया में चल रहे साधक-शिष्यों के सामूहिक 40 दिवसीय जप- अनुष्ठान पुरश्चक्रण अभियान के अंतर्गत शान्तिकुञ्ज गंगा तटीय क्षेत्र बैरागी द्वीप में लिये संकल्प अनुसार स्थानीय स्तर पर सामूहिक जप-अनुष्ठान पुरश्चक्रण की सामूहिक देव दक्षिणा पूर्णाहूति तमाड़ गायत्री प्रज्ञापीठ में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजन 4 प्रखंड बुंडु, राहे, सोनाहातू और तमाड़ का संयुक्त साधक-शिष्य परिवारों ने सोल्लास संपन्न किये।
प्रथम दिवस तीसरे पहर आंधी-तूफान जैसे विपरीत मौसम में भी गायत्रीपरिवार रैली टीम ने ऐ नशा! भारत छोड़ो-व्यसन से मुंह मोड़ो, व्यसन से बचाओ- सृजन में लगाओ, जैसे अनेक सद्वाक्यों के पोस्टर व बैनर तले रैली निकाली, जयघोषों, सद्वाक्यों, सद्विचारों तथा प्रज्ञगीतों एवं माइकमाध्यम की गूंज से ग्रामीण वासियों को ध्यानाकर्षित कर नशा की हानि नुकसान पर विशेष सुनाया और बताया। फिर रात्रि पहर दीपयज्ञ विधान किए, छोटे छोटे संकल्प सूत्र पाठ कर बताये और कराये।
बिहान 5 कुंडीय महायज्ञ आयोजित किये। कल सायंकाल इस पावन अवसर पर रांची जिला समन्वयक ने गुरुसत्ता द्वय के युग निर्माण योजना एवं विचार क्रांति अभियान अंतर्गत बताया कि भगवान के साथ साझेदारी एवं श्रेय व सौभाग्य के वरण का यह दुर्लभ अवसर और सुयोग आया है। कहा कि जो अवसर को पहचानेंगे, भगवान को सहयोगी बनेंगे, वे धन्य धन्य, श्रेय सौभाग्य पायेंगे।
घर, परिवार, गांव, मुहल्ला दिव्यता और सुसंस्कारिता के नव सृजन में व्यसन मुक्त और संस्कार युक्त परिवार का निर्माण करेंगे। युवा वर्ग, छात्र तथा नयी पीढ़ी जीवन में उत्कृष्ट योगदान करेंगे। इसके लिए हर समय सजग, सक्रिय कर्मठ बन सनातन मान्यताओं के प्रति आस्थावान, आध्यात्मिक जीवन शैली के लिए प्रेरित किये गये।
चारों प्रखंड के समन्वय समिति सदस्यगणों, विगत दिव्य ज्योति-कलश रथ के यात्रा में प्रखंड ग्रामीण क्षेत्र में सहयोगी, रूटचार्ट व सुरक्षा व्यवस्था में रहे संलग्न व योगदान किए जनों को आशीवार्दी दीक्षा पत्र तथा कलशरथ के आशीवार्दी सहित अन्य कई स्वाध्यायी पुस्तक, स्टीकर्स, कैलेंडर स्टैंड, विशेष पत्रिका व मंत्र पट्टा आदि से सम्मानित किये गये।
आगे की अनुयाज योजना को मिल जुलकर स्नेह-सौहार्द संवर्धन सहित गतिशील करने का प्रस्ताव पेश किये गये। अंत में सबके लिए स्वस्थ-सुखद व उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन व शान्ति-पाठ कर सम्मान गोष्ठी समापन किये गये। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के विजय कुमार और जय नारायण ने दी।