विराट हिंदू सम्मेलन
आचरण से ही धर्म की रक्षा : स्वामी परिपूर्णानंद जी
एबीएन सोशल डेस्क, लालपुर (रांची)। लालपुर डिस्टिलरी पुल स्थित विवेकानंद पार्क में विराट हिंदू सम्मेलन का धूमधाम से आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित 70 हजार से अधिक सम्मेलनों की इस कड़ी में सैकड़ों हिंदू बंधु-भगिनियां, महिलाएं, युवतियां और बच्चे एकजुट हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू एकता मजबूत करना, आचरण-आधारित हिंदुत्व की रक्षा और संस्कृति संरक्षण पर जोर देना था।
कार्यक्रम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से आरंभ हुआ। गीता पाठ के माध्यम से सभी को शास्त्रीय ज्ञान प्रदान किया गया। लव जिहाद के खतरे पर आधारित प्रभावी लघु नाटक प्रस्तुत कर माताओं और युवतियों को जागरूक किया गया।
अंजली गोस्वामी ने वंदे मातरम् का भावपूर्ण गान कर राष्ट्रप्रेम की लहर पैदा कर दी। चरमोत्कर्ष पर सैकड़ों महिलाओं ने भारत माता के चित्र के समक्ष भारत माता की आरती, जगत के भाग्य विधाता की की सामूहिक आरती कर भक्तिमय वातावरण बनाया। विषय प्रवेश सच्चिदानंद मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संघ चालक विजय राज ने दिया।
क्षेत्र संयोजक (सामाजिक सद्भाव, झारखंड-बिहार) राकेश लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा, हिंदू व हिंद की रक्षा करने वाले के साथ खड़ा होना होगा। हम सब हिंदू हैं। हिंदू होने का भाव ही काफी है, यही हमारी ताकत है। हमें हिंदू दिखना भी चाहिए।
हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान का भाव रखना होगा। उन्होंने परिवार केंद्रित अपील की, अपनी बेटियों के साथ संवाद करें, उनकी भावनाओं को जानें और उन्हें धर्म-संस्कृति से परिचित कराएं। घर पर तुलसी चौरा, रंगोली, स्वास्तिक, गणेश-हनुमान चित्र लगाएं। परिवार में एकत्र भोजन-भजन करें।
मोहल्ले में मंदिरों पर सामूहिक आरती शुरू करें। राकेश लाल ने स्पष्ट किया कि हिंदू सम्मेलन जाति-भाषा से ऊपर उठकर एकता सिखाता है और कौन अपना-पराया है, इसकी पहचान आवश्यक है। उन्होंने 50,000 से अधिक सम्मेलनों का उल्लेख कर संगठन की शक्ति पर बल दिया।
चिन्मय आश्रम रांची के महंत स्वामी परिपूर्णानंद जी महाराज ने गहन प्रवचन में कहा, धर्मो रक्षति रक्षितः। धर्म की रक्षा करने वालों की धर्म रक्षा करता है। अपनी आचरण से ही हिंदुत्व की रक्षा कर सकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी, नारे लगाने से धर्म जीवित नहीं रहता। आचरण में उतारें।
दूसरे धर्म के लोग प्रतीकों और आचरण से पहचाने जाते हैं, हम क्यों नहीं? नित्य भगवान को प्रणाम करें, स्वाध्याय करें, संतों का सम्मान करें। दुर्योधन की तरह धर्म जानकर भी न अपनाना अधर्म है। थोड़ा-थोड़ा आचरण सुधारें, संगठित हों तो धर्म हमारी रक्षा करेगा।
विहिप प्रांत सेवा प्रमुख एवं कार्यक्रम संयोजक अजय अग्रवाल ने हिंदू संगठन की आवश्यकता पर बल दिया। राकेश लाल ने समापन में पुनः जोर दिया, संघे शक्ति कलियुगे। गीता में कहा गया है, संगठन ही कलियुग की शक्ति है। हिंदू हित में काम करें, हितरक्षकों के साथ खड़े हों। जय श्री राम!
कार्यक्रम में विधायक सीपी सिंह, बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री केबी प्रसाद यादव, महानगर संघ चालक पवन मंत्री, नगर कार्यवाह मदन कुमार राजभर, विभाग सेवा प्रमुख अक्षय प्रसाद, महानगर सह कार्यवाह विनायक मिश्र, प्रो. कृष्ण बल्लभ प्रसाद, विजय छापरिया, अधिवक्ता राजेंद्र मिश्रा, सत्या पांडेय, प्रांतीय सचिव लालाबाबू सिंह, संजीव विजय वर्गीय, चिंटू, परीक्षित पांडेय, अभिषेक कुमार पांडेय, कपिलदेव पांडेय, राजेश महतो, रंजय वर्मा, अजेश अग्रवाल सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय श्री राम के उद्घोषों के बीच प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। उक्त जानकारी शिवाजी नगर के प्रचार प्रमुख कविलास कुमार ने दी ।