- पंछी को दाना - पंछी को पानी: जनजागरूकता अभियान का पहला चरण संपन्न
टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची, (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) ने आज दिनांक 24.04.2026 (दिन- शुक्रवार) को पंछी को दाना-पंछी को पानी: जन जागरूकता अभियान वर्ष 2026 का पहला चरण का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल आॅफ लर्निंग, साई विहार कॉलोनी के पीछे, न्यू मधुकम, रोड न. 5, रांची में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के छठी कक्षा से दसवीं कक्षा के बच्चों के बीच सकोरा (मट्टी का बर्तन) एवं दाना का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के बीच जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया ताकी इस भीषण गर्मी में पक्षियों को पीने का पानी एवं दाना मिल सके साथ ही उनके प्राणों की रक्षा हो सके।
इस भीषण गर्मी में हम मनुष्य तो अपने सुख-सुविधा के लिए उपाय कर लेते हैं। परंतु इन बेजुबान पंछियों के पास इस तपती गर्मी से अपने प्राणों के रक्षार्थ कुछ नही होता। एक तरफ जहां हम अपने स्वार्थ के लिए लगातार वृक्षों की कटाई कर पक्षियों के घरों को उजाड़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण को बढ़ाकर प्रकृति से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रकृति रूपी भगवती की हम पूजा तो अवश्य करते हैं परन्तु अपने क्रिया कलापों से उन्ही भगवती की अवहेलना भी करने में पीछे नही रह रहे हैं।
नतीजा हम सबके सामने है जहां पहले के दिनों में पक्षी हमारे घर-आंगन में सुबह शाम चहचहाते रहते थे वहीं आज सन्नाटा पड़ा है। हमारे बड़े-बुजुर्ग यह भी मानते थे कि पक्षियों के वास से वास्तु-दोष काट जाता है एवं घर परिवार में खुशहाली रहती है। परन्तु अब हालात यह है कि पक्षी बस अब चित्र एवं किताबों तक सिमट कर रह गये हैं।
पक्षी हमारे बीच से विलुप्त न हो जाये और इस भीषण गर्मी से उनके प्राणों के रक्षार्थ यह कार्यक्रम लोगों को जागरूक करने का एक अनूठा पहल है। कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों के बीच लगभग 225 सकोरा एवं दाना के पैकेट का वितरण किया गया एवं उनसे निवेदन किया गया कि अपने घरों के छत एवं आंगन पर इसमें पानी भर कर रखें और साथ ही पक्षियों के खाने के लिए दाना भी दें।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रोग्रेसिव पब्लिक स्कूल आॅफ लर्निंग के प्रधानाध्यापक अशोक पाठक का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समूह शाखा रांची की ओर से बद्रीनाथ शाहदेव, गिरेंद्र नाथ शाहदेव, अनिल ठाकुर, नागदमनी नाथ शाहदेव, नितिन चौरसिया, यदुनाथ शाहदेव आदि सम्मलित हुए।