एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद की प्रांतीय संत मार्गदर्शक मंडल तथा जिला मार्गदर्शक मंडल के साधु, संत, महात्माओं की द्विदिवसीय बैठक शनिवार 11 अप्रैल को रांची के अपर बाजार स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में प्रारंभ हुई।
जिसका उद्घाटन विहिप के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, झारखंड के मार्गदर्शक मंडल के संयोजक सह केंद्रीय सदस्य स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, अखिल भारतीय संत समिति झारखंड के अध्यक्ष स्वामी आत्मानंद पुरी, बिहार के महामंत्री रंजीतेशानंद सरस्वती, जैन मुनि स्वामी पद्मराज, मेंही आश्रम चुटिया के बालकृष्ण महाराज, संकट मोचन मंदिर, रांची के संत केशव दास महाराज, दिव्यानंद महाराज, स्वामी दिव्य ज्ञान, सहित अन्य संत एवं पदाधिकारियों ने भगवान के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कार्यक्रम का संचालन पटना एवं गौहाटी क्षेत्र के धमार्चार्य संपर्क प्रमुख वीरेंद्र विमल तथा झारखंड के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख युगल किशोर प्रसाद ने किया। सहित पचास से अधिक संत आज की बैठक में बैठक में उपस्थित रहे। सभी उपस्थित संतों को भगवा चादर देकर सम्मानित किया गया।
विषय प्रवेश करते हुए अशोक तिवारी ने संत समाज से निवेदन किया। हिंदुओं की एकजुटता, सनातन संस्कारों की पुनर्प्रतिष्ठा, मतांतरण पर रोक, सामाजिक समरसता, युवाओं में जड़ जमा रहे नशा पर रोक, गोरक्षा आदि विषयों पर हिंदू समाज के जनजागरण का अभियान चलायें।
अशोक जी के निवेदन के बाद उपस्थित संतों ने भी बारी-बारी से अपनी कार्य योजना तथा अपने संकल्प की जानकारी दी। बैठक कल अपराह्न तक चलेगी। बैठक में विहिप के झारखंड प्रांतीय अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने उपस्थित संत समाज का स्वागत किया। गोरक्षा विभाग के केन्द्रीय सहमंत्री केशव राजू ने गोवंश रक्षा तथा गोवंश आधारित कृषि के संबंध में जानकारी दी।
बैठक में केन्द्रीय मंत्री अंबरीष सिंह, ब्रह्मचारी विभु सुमन, संत उमेशानंद, सत्यनारायण महाराज, हजारीबाग के संत विजयानंद दास, प्रदेश मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, अनिल तिवारी, योगेश केदवाल, रेणु अग्रवाल, राजेश कुमार, सहित प्रान्त एवं रांची के पदाधिकारी बड़ी संख्या में सहभागी हुए। उक्त जानकारी विहिप के अनिल तिवारी ने दी।