एबीएन सोशल डेस्क। दो दिवसीय कार्यक्रम में गायत्री शक्तिपीठ स्थापना दिवस एवं श्रीहनुमान जयन्ती आयोजन हुए। रांची गायत्री-परिवार साधक-शिष्य भाई-बहनों ने शक्तिपीठ सेक्टर टू में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किये। इसमें प्रथम दिन एक अप्रैल गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू का 46वां स्थापना वर्षगांठ बडे धूमधाम व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया।
प्रथम दिवस एक अप्रैल को दोपहर से शक्तिपीठ सेक्टर टू पर साधकों ने पूज्यवर श्रीगुरुदेव के 1981 एक अप्रैल को रांची आगमन, उनके द्वारा निर्धारित कार्यक्रम आयोजन, वेद माता, देवमाता, विश्व माता गायत्री, सावित्री मूर्ति की स्थापना में स्थापना उद्देश्य, भविष्य सृजन व कथन पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर गायत्री महामंत्र, गुरुवंदना का सस्वर पाठ कर प्रज्ज्वलित अखंड दीप का पूजन-अर्चन कर श्रीराम दरबार, श्री हनुमान एवं बांधव दल को आवाह्न नमन वंदन व षोडशोपचार पूजन कर सुन्दरकाण्ड का सस्वर पाठ गीत संगीत हारमोनियम वादन किया गया।
पाठ के पाठन में कांके प्रखंड से टीम नायक सह वाद्य वादक गुरु हरिकिशोर तिवारी के सानिध्य में टीम प्रतिनिधि, हारमोनियम वादक एवं सुन्दरकाण्ड पाठकर्ता काव्य नाथ शाहदेव, गायक सुलोचना शाहदेव, टीम सहायक कामाख्यानाथ शाहदेव और कीर्ति कुमारी ने सहयोग किया।
साथ-साथ गायत्रीपरिवार महिला मंडल, प्रज्ञा मंडल, युवा मंडल, स्वाध्याय मंडल के दर्जनोंसदस्यगणों ने आयोजन व्यवस्था में योगदान किये। इस अवसर पर एक दर्जन पौधों का रोपण किया गया। पाठ के बाद अपने संबोधन में गुरुजी ने बताया कि भगवान श्रीराम प्रभु के अनन्य साथी, सहयोगी, स्वजन, भक्तजन, बन्धु बान्धव सच्चे चरित्रवान रहे थे।
रामकाज में संलग्न भक्त शिरोमणि श्रीहनुमान जी सर्वतोभावेन समर्पित और उनके कठिन से कठिन कार्य कर लेने की प्रेरणास्रोत पर चर्चा हुई। कहा कि भक्त की कसौटी पर खरा होना श्री हनुमान जी से सीखना चाहिए। इसकी जीवन्त शिक्षा इनसे मिलती है।श्रीराम काज में संलग्न श्रीहनुमान जी के जीवन चरित्र में ऐसे संदेश व प्रेरणाप्रद शिक्षाएं भरी हुई हैं।
आज दो अप्रैल को सुबह श्रीहनुमान जी को विशेष षोडशोपचार पूजन व चालीसा पाठ, हवन-यज्ञ हुए, युग निर्माण कन्या विद्यालय के विद्यार्थियों व अध्यापकों भी ने हनुमान जयंती पर पूजन-अर्चन कर यज्ञीय अनुष्ठान विधान किये।
आज आनलाइन आल इंडिया स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधित्व में 12 घंटे का जप-अनुष्ठान आयोजन हुए। दोपहर महिला मंडल प्रतिनिधित्व में श्रीहनुमान जयन्ती पर स्वाध्याय पाठ किये, दीपयज्ञ विधान भी किये, प्रसाद वितरण कर समापन हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दिया।