रंग बरसे दादी के आंगन में ... मेरी दादी की होली निराली...
एबीएन सोशल डेस्क। फाल्गुन मास की पावन रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री धोली सती दादी महिला समिति द्वारा रातू रोड, रांची स्थित कृष्णा अपार्टमेंट में संदीप सर्राफ के आवास पर भक्तिभाव और उल्लास के साथ भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। वातावरण पूरी तरह भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से ओत-प्रोत नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूरे विधि विधान से दादी जी की ज्योत प्रज्वलित कर किया गया।
दादी जी के अलौकिक श्रृंगार से हुआ।सुगंधित पुष्पों,रंग बिरंगी चुनरियों,पोशाक और आकर्षक आभूषणों से सुसज्जित दादी जी की प्रतिमा एवं श्रीकृष्ण लड्डू गोपाल की मूर्ति दिव्य आभा बिखेर रही थी। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंगल पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की। सामूहिक रूप से गूंजते मंगलाचरण और स्तुति ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर समिति की सक्रिय सदस्य शशि सर्राफ एवं सविता सर्राफ ने दादी जी, राधा कृष्ण एवं होली से जुड़े मनमोहक संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी। दादी तेरे दरबार में आया हूं....,रंग बरसे दादी के आंगन में....,मेरी दादी की होली निराली.... जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। तालियों और ढोलक की थाप पर भक्तों ने भक्ति-रस में डूबकर आनंद की अनुभूति की।रंगभरी एकादशी का यह पर्व फाल्गुन मास में होली के आगमन का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन विशेष रूप से देवी-देवताओं को अबीर-गुलाल अर्पित कर रंगोत्सव की शुरूआत की जाती है। इसी परंपरा के तहत समिति की महिलाओं ने दादी जी के चरणों में पुष्प अर्पित कर अबीर गुलाल एवं फूलों की होली खेली। वातावरण में उड़ते रंग-बिरंगे पुष्प और जय दादी की के जयकारों ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती की गई, जिसमें सभी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता निभायी। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। उपस्थित महिलाओं और श्रद्धालुओं ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक एवं धार्मिक एकता का प्रतीक बताया, इस अवसर पर-सविता सर्राफ, शशि सर्राफ, आशा सर्राफ, आशू सर्राफ, अनुराधा सर्राफ, मंजू सर्राफ, रिंकू सर्राफ रितु सर्राफ, संचिता सर्राफ, राज राजगढ़िया, शशि सर्राफ, करुणा बागला, स्नेहा सर्राफ, कविता सर्राफ, श्वेता सर्राफ, उर्मिला सर्राफ, शारदा पोद्दार, रेनू सर्राफ, मनीषा सर्राफ, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, आपसी प्रेम और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देते हैं। उक्त जानकारी श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।