- छत्रपति शिवाजी जयंती वीरता, स्वाभिमान और सुशासन का प्रेरक पर्व : संजय सर्राफ
एबीएन सोशल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत के महान योद्धा एवं आदर्श शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती प्रत्येक वर्ष 19 फरवरी को मनाई जाती है। इसी दिन सन् 1630 में उनका जन्म महाराष्ट्र के शिवनेरी दुर्ग में हुआ था।
कुछ स्थानों पर तिथि के अनुसार भी जयंती मनाई जाती है, किंतु प्रचलित रूप से 19 फरवरी को ही यह दिवस पूरे देश, विशेषकर महाराष्ट्र में, बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक और एक दूरदर्शी, न्यायप्रिय तथा धर्मनिरपेक्ष शासक थे। उन्होंने उस समय विदेशी औरअत्याचारी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का संकल्प लिया।
सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी अद्वितीय सैन्य रणनीति, विशेषकर गनिमी कावा (गुरिल्ला युद्ध पद्धति) के माध्यम से उन्होंने शक्तिशाली शत्रुओं को परास्त किया। उनका राज्याभिषेक सन् 1674 में रायगढ़ किले में हुआ, जिसके बाद वे औपचारिक रूप से छत्रपति की उपाधि से अलंकृत हुए।शिवाजी जयंती केवल एक ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, साहस, संगठन और सुशासन की प्रेरणा का पर्व है।
उन्होंने प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा। महिलाओं के सम्मान और धार्मिक स्थलों की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय थी। वे सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना रखते थे और उनकी सेना में विभिन्न जाति एवं समुदायों के लोग सम्मिलित थे। इससे उनके उदार और समावेशी दृष्टिकोण का परिचय मिलता है।
इस दिन विभिन्न स्थानों पर शोभायात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, व्याख्यान, पुष्पांजलि एवं देशभक्ति गीतों का आयोजन किया जाता है। विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में उनके जीवन और आदर्शों पर आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित किया जाता है। छत्रपति शिवाजी जयंती का उद्देश्य नई पीढ़ी में आत्मसम्मान, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना जागृत करना है।
आज के समय में जब नैतिक मूल्यों और आदर्श नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है, तब शिवाजी महाराज का जीवन हमें साहस, रणनीति, न्याय और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख देता है।निस्संदेह, छत्रपति शिवाजी जयंती भारतीय इतिहास के उस स्वर्णिम अध्याय का स्मरण है, जो हमें अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व करने और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।