एबीएन सोशल डेस्क। शेड नेट खेती से गुमला की सखी मंडल महिलाएं कम जमीन में अधिक आय और आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल गढ़ रही हैं। गुमला जिला प्रशासन और जेएसएलपीएस के सहयोग से संचालित शेड नेट फार्मिंग पहल ने गुमला की ग्रामीण महिलाओं के लिए खेती की नयी दिशा खोली है।
सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को पालकोट कॉपरेटिव एफपीओ के माध्यम से संरक्षित खेती (शेड नेट फार्मिंग और पॉली हाउस खेती) का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें फसल चयन, नर्सरी प्रबंधन, ग्राफ्टेड पौध, जैविक कीट नियंत्रण और नियंत्रित वातावरण में उत्पादन की तकनीकें सिखायी गयी।
सखी मंडल की महिलाओं ने शेड नेट के भीतर शिमला मिर्च, टमाटर, फ्रेंच बीन्स, मटर व अन्य सब्जियों की खेती शुरू की। जिससे मौसम का खतरा कम हुआ और उपज की गुणवत्ता बढ़ी। मात्र 4 डिसमिल क्षेत्र से महिलाओं को 35-40 हजार तक अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।
जेएसएलपीएस तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से सामूहिक विपणन, ग्रेडिंग-पैकेजिंग और बाजार से सीधा जुड़ाव संभव हुआ। एफपीओ से जुड़े 3200 किसानों व महिला समूहों ने 10 माह में 80 लाख का टर्नओवर हासिल किया। इस पहल ने सखी मंडल की महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है और वे खेती को आजीविका के साथ-साथ एक सशक्त उद्यम के रूप में अपना रही हैं।