टीम एबीएन, रांची। अखंड भारत संस्था ने आज फिरायालाल चौक, रांची में ग्रेगोरियन कैलेंडर एवं मैकाले शिक्षा पद्धति का विरोध किया गया। साथ ही संस्कृति रक्षा में मारे गये भारत के करोड़ों पूर्वजों की आत्म शांति के लिए हवन एवं पूजन का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अखंड भारत संस्था के संस्थापक/ केंद्रीय अध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने किया।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि हवन पूजन के बाद रैली निकाल कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। उसमें मुख्य बातें रही कि हमें ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं भारतीय कैलेंडर से चलना चाहिए और मैकाले शिक्षा पद्धति को राज्य एवं केंद्र सरकार को अविलंब बंद कर देना चाहिए। भारत में भारतीय संस्कृति संस्कार युक्त शिक्षा पद्धति देना चाहिए, जिससे बच्चों में संस्कार हो और यहां की संस्कृति एवं राष्ट्र मजबूत रहे।
अखंड भारत संस्था 1 जनवरी को भारतीय संस्कृति रक्षा दिवस के रूप मे मनाता है क्योंकि अखंड भारत का मानना है कि उनके आक्रमण का ये पहला दिन है इसलिए प्रथम दिन को पूरे भारत के हिंदू वादी संगठन, राष्ट्रवादी संगठन, जनवादी संगठन, पत्रकार एवं बुद्धिजीवी सब मिलकर इसका विरोध करें और अपनी संस्कृति का जिस जिस प्रकार से रक्षा कर सकते हैं।
उसी प्रकार से आयोजन कर जन जागरण करें और अपनी संस्कृति रक्षा का संकल्प ले और संस्कृति रक्षा दिवस के रूप में आज के दिन को मनाये। आज पूरे दस वर्ष पूर्ण हुआ संस्था का। यह कार्यक्रम ब्रजेश सिंह के नेतृत्व मे पिछले 9 वर्षो से होते आ रहा है पूरे झारखंड में अखंड भारत की टीम सनातनी समाज को जागरूक करने का कार्य अखंड भारत संस्था कर रही है।
झारखंड और बिहार राज्य में भी संगठन की टीम लोगों को अपने धर्म/संस्कृति का प्रचार/प्रसार कर लोगों को संगठन से जोड़ रही है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे सनातन एकता मंच, झारखंड के केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी की टीम भी ब्रजेश सिंह जी का समर्थन किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास सिंह, अरुण साहू, भीम शर्मा, राकेश कुमार, मनोरंजन सिंह, सूरज पांडेय (बाबा), प्रभाकर कुमार, मंजीत सिंह, केडी शरद, सनी जी, राजू सिंह, अभय राज, कार्तिक राम, उपेंद्र प्रसाद, अमीत कुमार, आयुष जी, आदित्य जी, शिव यादव, अजीत पाठक, हरे कृष्ण पाण्डेय, वासुकीनाथ पाठक, चंद्र किशोर साहू एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।