भागवत ज्ञान कथा यज्ञ : समापन विवरण
एबीएन सोशल डेस्क। भागवत ज्ञान कथा यज्ञ का आयोजन पूर्णतः भक्ति भाव एवं अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन छह दिनों तक भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविख्यात संत पूज्य श्री राधा कृष्ण जी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा का अमृतमय रसपान करने का सौभाग्य सभी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।
कथा के प्रमुख प्रसंगों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भक्त प्रह्लाद एवं नरसिंह अवतार सहित अनेक प्रेरणादायी कथाएँ भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत की गईं। पूज्य महाराज श्री ने कथा के माध्यम से गृहस्थ जीवन, नारी सशक्तिकरण, दैनिक जीवन की समस्याएँ तथा वर्तमान समाज में आवश्यक सुधार जैसे विषयों पर अत्यंत सारगर्भित संदेश प्रदान किए, जिनका प्रभाव निश्चित रूप से आने वाले समय में भक्तों के जीवन में परिलक्षित होगा।
इस पावन प्रवास के दौरान भजन सम्राट अनूप जलोटा जी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। साथ ही डांडिया महोत्सव का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की। दिन-प्रतिदिन भक्ति भाव और अधिक प्रगाढ़ होता गया।
एक दिन गौशाला धाम में सामूहिक रूप से गौ सेवा का भी पुण्य लाभ प्राप्त किया गया। विशेष व्यवस्था के अंतर्गत सातों दिनों में विभिन्न मार्गों से प्रभात फेरी एवं हरि कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण क्षेत्र ने आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
इस भव्य आयोजन की तैयारियाँ विगत कई महीनों से निरंतर चल रही थीं। आयोजन को सफल बनाने में समाज के अनेक सेवाभावी बंधुओं का अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ। विशेष रूप से मुकेश काबरा, संजय फलोद, सौरभ साबू, पंकज साबू, अंकुर डागा, दिनेश काबरा, सुरेश शारदा, किशन साबू, वासुदेव भाला, महावीर मंत्री, विनय मंत्री, रामगोपाल सहित अनेक श्रद्धालुओं का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
आज दिसंबर माह में कथा का पावन समापन सुदामा चरित्र की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, न केवल रांची से बल्कि बाहर से भी पधारकर कथा रस का पान करने पहुंचे। मंच संचालन मुकेश काबरा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। साथ ही तुलसी विवाह का आयोजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ तथा यज्ञ की आहुतियाँ अर्पित की गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की एवं प्रसाद ग्रहण किया।
संपूर्ण आयोजन अपने आप में अद्भुत, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी रहा, जिसका आध्यात्मिक लाभ समस्त भक्तों ने हर्षोल्लास एवं गहन श्रद्धा के साथ प्राप्त किया।