Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 47
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
समाज

संत अलोइस मोंटसरी स्कूल के नन्हे बच्चों ने बांटी क्रिसमस की खुशियां

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
संत अलोइस मोंटसरी स्कूल के नन्हे बच्चों ने बांटी क्रिसमस की खुशियां
विज्ञापन
  • संत अलोइस मोंटसरी स्कूल के नन्हे बच्चों ने बांटी क्रिसमस व नव वर्ष की खुशियां
  • प्रेम शांति और भाईचारे का पर्व है क्रिसमस: ब्रदर माइक

टीम एबीएन, रांची। डॉक्टर कामिल बुल्के पथ स्थित संत अलोइस  मोंटसरी स्कूल के कक्षा नर्सरी और यूकेजी के 150 नन्हे बच्चों ने बड़े ही अनोखे अंदाज में लोगों के साथ क्रिसमस और नववर्ष की खुशियां साझा की। 

लोगों के साथ इस खुशी को बांटने के लिए संत अलोइस  मोंटसरी स्कूल के नन्हे बच्चे  आज सांता क्लास की तरह लाल लाल पोशाक धारण किए खुशी और उत्साह के साथ दोनों हाथों को हिलाते हुए और मैरी क्रिसमस गाते हुए लोगों का अभिवादन कर रहे थे और खुशियां बांट रहे थे। 

सांता क्लास की वेशभूषा में स्कूल के नन्हे बच्चे गेट के बाहर कतार बंद होकर सड़क पर आने जाने वाले तमाम लोगों को हैप्पी क्रिसमस एंड हैप्पी न्यू ईयर का कर उनका अभिवादन करते नजर आए उनके इस अभिवादन पर उक्त बाग से गुजरने वाले बड़े महिला पुरुष और युवक की भर्तियां रुक कर उनसे हाथ मिलाकर जवाब में हैप्पी क्रिसमस एंड हैप्पी न्यू ईयर का रहे थे। 

इस कार्यक्रम में संत ऑलवेज मोंटेसरी स्कूल के सभी शिक्षक वृद्ध का विशेष योगदान रहा जिसमें मुख्य रूप से शिक्षक मिलन मेंस और सुमित बारला के संयुक्त नेतृत्व में बच्चे उच्च मार्ग से गुजरने वाले हर लोगों को क्रिसमस और नव वर्ष की बधाइयां दे रहे थे इस अवसर पर विद्यालय परिसर में जीसस क्राइस्ट के जन्म पर आधारित एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई जहां गौशाला में प्रभु यीशु मसीह का जन्म दिखाया गया।

स्कूल के प्रिंसिपल ब्रदर माइक जेत्रोम ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा क्रिसमस प्रेम शांति दया क्षमा और भाईचारे का पर्व है उन्होंने कहा किया पर मानवता को एक दूसरे के साथ प्रेम और खुशी बांटने की सीख देता है जिस तरह ईश्वर ने अपने इकलौते बेटे को इस संसार में भेज कर हमें जीवन का सही मार्ग दिखाया इस तरह हमें भी दूसरों के साथ प्रेम दया शांति और भाईचारा जी बांटने का संदेश देता है। 

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रंगारंग संस्कृति कार्यक्रम से उपस्थित तमाम पेरेंट्स को झूम और हाथ हिलाने को विवश किया बच्चों के पेरेंट्स सांता क्लास की टोपी पहन कर दोनों हाथ हिलाते हुए बच्चों के प्रस्तुति का आनंद ले रहे थे और उनका उत्साह भी बढ़ते हुए देखे गए इस अवसर पर शिक्षकों ने उपस्थित अभिभावकों के बीच चॉकलेट आदि बताकर उन्हें क्रिसमस की बधाइयां दी।

विज्ञापन