एक दूसरे को सम्मान देंगे और सुयोग्य बनायेंगे : दंपत्ति
एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री परिवार शाखा रांची के साधक अपने प्रवास काल में गायत्री परिवार के दो दिवसीय कार्यक्रम में भागीदारी की। इस बार की सफला एकदाशी पर आनलाइन गायत्री-परिवार साधक अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्वाध्याय पाठ संवाद समूह में 24 घंटे के गायत्री महामंत्र के अखंड जप-अनुष्ठान अभियान में शामिल हुए।
दूसरे दिन बच्चों के साथ एनसीआर में सोल्लास सोत्साह दीप यज्ञीय विधान व युग संस्कार पद्धति से पुत्र व पुत्रवधु के विवाह संस्कार दिवसोत्सव में भागीदारी की और उसमें गायत्री युग यज्ञ विधान और युग संस्कार पद्धति से सालगिरह मनाया गया।
इस क्रम में परिवार सदस्यों ने दो दिवसीय कार्यक्रम में संलग्न रखा। अगले क्रम में दंपति ने शादी सालगिरह के पावन अवसर पर अखंड दीप प्रज्ज्वलित किया, इस शुभ दिन विधिवत गायत्री सहस्रनाम का पाठ सस्वर किया गया और संध्या बेला में विधिवत संध्या वंदन में गुरु-ईश वंदना, ध्यान, पूजन-अर्चन, सर्वदेव आवाहन, पंचोपचार पूजन, स्वस्तिवाचन सहित जप-अनुष्ठान कर सायंकाल दीपयज्ञ विधान सहित युग संस्कार पद्धति अनुसार इसके एक एक सूक्ष्म सूत्र पर ध्यान आकर्षित एवं प्रकाश डालकर वैवाहिक जीवन की महिमा गरिमा तथा इसकी संबंधित प्रक्रिया में विशेषकर ग्रंथि बन्धन, पाणिग्रहण, प्रतिज्ञा व्रत, पुष्पोपहार, सप्तपदी के सूत्र निर्वाह आदि की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
दंपति ने इस प्रक्रिया को सराहते हूए सबको इसी विधान को अपनाने, मित्र मंडली में विधान को बताने का विचार व्यक्त किया। दीपयज्ञ उपरान्त दम्पति को विधान अभिनन्दन कर वेदमंत्रों के मंगलमय आशीर्वचन पाठ, शांति पाठ व जयघोष कर समापन किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक पूजा देवी और जय नारायण प्रसाद ने दी।