एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री परिवार साधकों ने अंतराष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर पर आनलाइन अपने गृहे गृहे तपोवन में मार्गशीर्ष में नौ- दिवसीय अनुष्ठान,अखंड ज्योति, कलश-स्थापन व गुरु-ईश व देवपूजन-अर्चन कर जप-अनुष्ठान समूह, स्वाध्याय पाठ-संवाद समूह के साथ 9 दिवसीय जप-अनुष्ठान किए।
इसमें जपसाधना, मंत्र लेखन, मोक्षदा एकाशी सह श्रीगीता जयन्ती पर एकादशी व्रत-उपवास, श्रीगीता पाठ, अगहन पूर्णिमा पर जप-अनुष्ठान सह दत्तात्रेय जयन्ती आदि पर्व पर पूजन व मंगलमय स्वस्तिवाचन सहित 24 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान कर सायंकाल दीपयज्ञ से पूर्णाहुति सानन्द, सोल्लास संपन्न किए।
यह अखंड जप-अनुष्ठान कार्यक्रम आज सुबह 5 बजे पूर्ण हुआ। समूह संचालन प्रतिनिधि ने बताया कि पिछले कई गत वर्षों से चल रही हम सबकी अखंड जप की मासिक साधना का यह विशेष पर्व महत्वपूर्ण है। साथ ही यह युग निर्माण के निमित्त किये जा रहे अखण्ड पूर्णिमा जप साधना की बढ़ रही नई उल्लास भरी आवृत्ति भी है।
गुरुसत्ता की सूक्ष्म उपस्थति,संरक्षण और आशीर्वाद से युगनिर्माण के निमित्त श्रृंखलाबद्ध, प्रत्येक पूर्णिमा को 24 घण्टे के लिए आयोजित ऑनलाइन, अखंड जप में सम्मिलित यह भावभरा आमंत्रण आप सबको प्रणाम सहित सादर निवेदित है कि इस दैवीय योजना में घर बैठे- बैठे जप करते हुए सहयोग करें और दुःख-संताप से त्रस्त दुनिया में सुख-शांति एवं सभी के आत्मनिर्माण और कल्याण की कामना के साथ, सबके लिए सद्बुद्धि व सबके लिए उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना भाव के साथ आप सभी अपने बहुमूल्य समय का एक अंश नव युगनिर्माण हेतु अवश्य देने का संकल्प करें।
हम सब में आत्मीय भावना का विस्तार एवं अनुशासित जीवन जीने की कला का विकास हो, इसी भाव के साथ महामृत्युंजय मंत्र एवं चंद्र गायत्री मंत्र का जप भी आवश्यक रूप से अपनी सुविधानुसार सम्मिलित कर पूर्णाहुति सोल्लास संपन्न अग्निहोत्र अथवा दीपयज्ञ से संपन्न किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के समूह संचालन प्रतिनिधि सुनीता उपाध्याय और जय नारायण प्रसाद ने दी।