टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर साधुमार्गी संघ रांची के परम पूज्य आचार्य भगवन 1008 श्री रामलाल जी म.सा. की 4 आज्ञानुवर्ती साध्वियों शासन दीपिका समिया जी म.सा., कामना जी म.सा., सुधृति जी म.सा., इहिता जी म.सा. का विहार के दौरान आज रांची शहर में प्रवेश हुआ।
मौके पर रांची ओसवाल संघ के अध्यक्ष सुभाष बोथरा, उपाध्यक्ष घेवरचंद नाहटा, मूल चंद सुराणा, बलबीर जैन और 100 से ज्यादा श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे। टाटानगर और कलकत्ता से भी काफी श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे। आज रांची प्रवास के दौरान सभी साध्वियां श्री शुभकरण जी बच्छावत के आवास पर विराजमान हैं।
आज के प्रवचन में शासन दीपिका समिया श्री जी म.सा. ने जीवन रूपी रत्न के महत्व को एक प्रसंग के माध्यम से विस्तार पूर्वक समझाया। हम सब भौतिक सुख प्राप्ति के चक्कर में पड़े हुए हैं, असली धन जो हमे मानव जीवन के रूप में मिला हैं वो हम खो दे रहे हैं, हमारे इस जन्म में किये गये कर्मों के आधार पर आगे जन्मों कि गति निर्भर करेगी।
साध्वी श्री जी ने नाना गुरुदेव की चिंतामणियों का भी पाठ कराया और उस के द्वारा कैसे अपनी आत्म शुद्धि कर सकते हैं, इसकी जानकारी दी। साथ ही बारह भावना का भी पाठ कराया। बारह भावना का महत्व जैन धर्म में मनुष्य के मन को शांत करने, बुरे विचारों को दूर करने और वैराग्य भाव उत्पन्न करने में है।
इन भावनाओं का निरंतर चिंतन कर्मों के क्षय का कारण बनता है और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है, जिससे मानव जीवन सफल हो सकता हैं।
साध्वियां जी टाटानगर से विहार करके आ रही हैं, रांची में 8-10 दिन के प्रवास के पश्चात आगे पद विहार करते हुए कोरबा छत्तीसगढ़ कि ओर प्रस्थान करेंगे।
समता युवा संघ के अध्यक्ष राकेश बच्छावत ने बताया कि साध्वीयां जी के प्रवास के दौरान प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 10 बजे तक प्रवचन है, दोपहर 2 बजे से 4 बजे से तक धर्म चर्चा का समय रखा गया है तथा शाम में 5 बजे प्रतिक्रमण रखा गया है, शाम में सिर्फ महिलाओं कि उपस्थिति रहेगी।