टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में कार्तिक पूर्णिमा एवं देव दीपावली का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था।
भक्तों की भीड़ सुबह से ही दर्शन एवं पूजन के लिए उमड़ पड़ी। चारों ओर राधे कृष्ण के जयघोष और भक्ति संगीत की मधुर ध्वनियों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। पर्व के शुभ अवसर पर श्री राधा कृष्ण का अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसमें फूलों, वस्त्रों एवं आभूषणों से भगवान का मनोहारी स्वरूप सजाया गया। भक्तों ने दर्शन कर अपने जीवन को धन्य माना।
संध्या आरती से पूर्व मंदिर परिसर में 101 घी के दीपक प्रज्ज्वलित किये गये, जिससे पूरा वातावरण दीपमालाओं की उज्ज्वल आभा से आलोकित हो उठा। दीपों की रोशनी में देव दीपावली का दृश्य अत्यंत मनमोहक एवं आध्यात्मिक अनुभूति देने वाला रहा। मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने विधिवत पूजा-अर्चना, भोग अर्पण एवं आरती संपन्न करायी।
भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों- खीर, पूड़ी, लड्डू, पंचामृत एवं फल मिष्ठान का भोग लगाया गया। इसके पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तजन हरे कृष्ण, राधे श्याम जैसे मधुर भजनों पर भावविभोर होकर झूम उठे। तत्पश्चात सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद भोग का वितरण किया गया। प्रणामी सेवा धाम में स्थित गौशाला में भी विशेष गौ सेवा का आयोजन किया गया।
भक्तों ने गौमाताओं को चारा खिलाया एवं सेवा का पुण्य अर्जित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा का पर्व भगवान के प्रति भक्ति, दान और सेवा का प्रतीक है। दीप जलाना केवल रोशनी का नहीं, बल्कि भीतर की अंधकार रूपी अज्ञानता को दूर करने का प्रतीक है। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने कहा कि देव दीपावली भगवान की अनुकंपा का पर्व है।
इस दिन हम सभी को धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि प्रणामी सेवा धाम सदैव समाज में भक्ति, सेवा और संस्कारों के प्रसार के लिए कार्यरत रहेगा। पूरे आयोजन ने भक्तिभाव, आस्था और एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम मे ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों, सेवादारों एवं बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।