टीम एबीएन रांची। सेवा भारती, रांची महानगर भाग - 3 के तत्वावधान में मेन रोड, रांची के कडरू मोड़ स्थित कुजारा भवन में सिलाई प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के तीन स्वावलंबन केदों से प्रशिक्षित 45 प्रशिक्षुओं को सिलाई-कटाई का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सेवा भारती, रांची महानगर के अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा भारती के माध्यम से अभावग्रस्त, सेवा बस्तियों की महिलाओं को स्वावलंबन का प्रशिक्षण देकर आर्थिक-सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रेरणादायक कार्य किया जा रहा है।
समाज में सेवा भारती स्वालंबन की लौ जला रही है। महिलाएं परिवार एवं राष्ट्र की एक शक्ति है। मौके पर सेवा भारती की न्यासी श्रीमती पूनम आनंद ने कहा कि आत्मनिर्भर महिलाएं समाज को दिशा देने का कार्य करती है। आज के इस भौतिक युग में महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही उनकी ताकत है।
सिलाई प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में सेवा भारती की सह प्रांत महिला प्रमुख श्रीमती नीतू सिन्हा ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि महिलाओं को कहीं नौकरी करने के बजाय हाथ का कोइ न कोई हुनर लेकर हमें स्वरोजगार से जुड़ना चाहिए।
मौके पर प्रशिक्षणार्थियों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि सेवा भारती केवल स्वावलंबन प्रशिक्षण ही नहीं देती है, यहां संस्कार, कुशल व्यवहार एवं सामाजिक दायित्व निर्वहन सम्बन्धित ज्ञान भी मिलता है।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सेवा भारती, रांची महानगर के सचिव श्याम टोरका ने कहा कि संस्था की ओर से रांची नगर में प्रतिवर्ष 300 महिलाएं सिलाई- कटाई का प्रशिक्षण लेती हैं, उनमें से लगभग 225 महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। इस कार्यक्रम में परमानंद कुजारा, प्रदीप केडिया, मदन सेन, रश्मि मिश्रा, पुष्पा देवी, चंद्रमनी देवी, शोभा देवी, फूलमनी देवी, सुशीला शर्मा सहित 55 महिलाओं की उपस्थिति रही।