निर्मल मन जन सो मोहि पावा। मोहि कपट और छल छिद्र न भावा : चैतन्य मीरा
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंच रांची शाखा द्वारा आयोजित सप्तम दिवस की श्रीमद् भागवत कथा में आज भागवत के चतुर्थ दिवस में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जिसमें श्रीराम अवतार, नरसिंह अवतार, गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार आदि की झांकी दिखायी गयी। वामन अवतार (भव्य अग्रवाल), नंद बाबा (सुनील सरावगी), यशोदा जी (सुनीता सरावगी) वासुदेव जी (अनीश सरावगी) सुनंदा भुआ (चंचल लाडिया)। परम पूज्य गुरु मां चैतन्य मीरा के द्वारा कथा के प्रारंभ में भगवान भोलेनाथ की महिमा से किया गया।
उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ तो इतने भोले हैं कि उनके लिए कुबेर द्वारा बनायी गयी सोने की लंका को भी रावण के द्वारा दक्षिणा में मांगने पर उन्होंने उसे रावण को दान दे दी। भोलेनाथ जैसा कि नाम है भोले के नाथ ऐसे हैं की थोड़ी सी विनती पर दौड़े चले आते हैं। हमें भी इसलिए सदा निर्मल मन होकर रहना चाहिए। क्योंकि प्रभु भी कहते हैं...
निर्मल मन जन सो मोहि पावा।
मोहि कपट छल छिद्र न भावा॥
अर्थात् जो मनुष्य निर्मल मन का होता है, वही मुझे पाता है। मुझे कपट और छल-छिद्र नहीं सुहाते। इसीलिए यदि हम निर्मल रहते हैं तो प्रभु हमें अपने चरणों में स्थान देते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि हमें सुनिति और सुरुचि में भी अंतर समझना चाहिए सुनिति में चाहे हमें प्रारंभ में परेशानी हो सकती है परंतु लंबे समय तक अच्छा फल देता है, परंतु सुरुचि हमें जल्दी अच्छा फल तो दे देगा परंतु ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। ध्रुव महाराज ने भी सुनीति से ही कार्य किया। प्रारंभ में बहुत दुख हुआ प्राप्त हुआ परंतु अंत में प्रभु से मिलन हुआ।
कथा के अंत में उन्होंने बताया कि किस प्रकार से श्री कृष्ण का जन्म हुआ। कंस जैसे पापी के सर्वनाश के लिए, पृथ्वी का भार हरण करने के लिए,ऋषियों के संताप को दूर करने के लिए, श्री कृष्ण ने वासुदेव और मां देवकी के यहां अवतार लिया और उसके पश्चात वासुदेव जी उन्हें यमुना पार करते हुए नंद बाबा और यशोदा मैया के यहां पर छोड़ आये।
इस प्रसन्नता में सभी ने मिलकर कृष्ण जन्मोत्सव का आनंद प्राप्त किया और जन्मोत्सव मना कर आपस में सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। उस समय ऐसा प्रतीत हो रहा था की संपूर्ण पांडाल ब्रज की पावन धरा बन चुका है और समस्त भक्ति बृजवासी बनकर इस आनंद को प्राप्त कर रहे हैं। कृष्ण जन्मोत्सव के पावन पर्व के अवसर पर मारवाड़ी महिला मंडल रांची शाखा के द्वारा शिवनारायण कन्या पाठशाला में डिक्शनरी, पाठ्य सामग्री, खेलकूद के समान और सहयोग राशि का वितरण किया गया।
समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समिति के द्वारा फिजूल खर्चे को छोड़कर उन बच्चों का सहयोग किया गया, जिन्हें वास्तव में आवश्यकता है। मारवाड़ी महिला मंडल का उद्देश्य भी यह है कि जितना अधिक हो सके उतना वह समाज के उन व्यक्तियों की मदद कर सके जिन्हें कहीं न कहीं आवश्यकता है। कथा के अंत में सामूहिक आरती की गई और मक्खन मिश्री एवं पंजीरी के प्रसाद का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नीरा बथवाल, रूपा अग्रवाल, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, अलका सरावगी, बीना मोदी, मंजू केडिया, रीना सुरेखा, प्रीती बंका, प्रीती पोद्दार, प्रीति अग्रवाल, प्रीति फोगला, प्रीती केडिया, शोभा हेतमसरिया, सीमा पोद्दार, सरिता अग्रवाल, सीमा टाटिया, बबीता नारसरिया, ललित नारसरिया, अनसूया नेवटिया, गीता डालमिया, जया बिजावत रीता केडिया, संगीता गोयल, ममता बूबना, बीना बूबना, अनू पोद्दार, रेखा अग्रवाल आदि बहनें उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा (8825383669) ने दी।