राजकुमारी पाण्डेय
एबीएन सोशल डेस्क। हरतालिका तीज व्रत 26 अगस्त, मंगलवार को है। हरतालिका तीज व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है। इस व्रत में भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। हरतालिका तीज व्रत को विशेषकर सुहागिन महिलाएं करती हैं।
इस व्रत के प्रभाव से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने भी ये व्रत किया था। जिन कन्याओं के विवाह में अड़चन आ रही हैं वो भी हरतालिका तीज का व्रत करती हैं। इस व्रत को करने से पति, पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है। विवाह योग्य कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। विवाहिता पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य लाभ के लिए व्रत रखती हैं।
हरतालिका तीज व्रत पर कई शुभ योग
इस बार तीज पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में पूजा अर्चना करने से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही व्यक्ति की सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती हैं। साध्य योग सूर्योदय से लेकर दोपहर 12: 39 तक रहेगा। शुभ योग दोपहर 12:39 से लेकर 27 अगस्त की दोपहर तक होगा। रवि योग पूरे दिन मान्य होगा। साथ ही इस दिन गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में रहने वाले हैं, जिससे गजकेसरी योग बन रहा है।
इस विधि से करें पूजा
सुबह स्नान कर शिव-पार्वती के मंदिर जाएं। मंदिर में शिव-पार्वती को लाल गुलाब अर्पित करें। भगवान शिव और नंदीगण को शहद चढ़ाएं। माता पार्वती को चुनरी और नथ अपने हाथों से पहनाएं।
11 नव विवाहिताओं को 16 शृंगार की सुहाग की पिटारी भेंट करें। 5 बुजुर्ग सुहागन को साड़ी और बिछिया भेंट करें। गुड़ के 11 लड्डू मां पार्वती को चढ़ाएं और अगले दिन श्री गणेश चतुर्थी पर गणेश स्थापना के बाद खाएं। चावल की खीर बनाकर मां पार्वती को भोग लगाएं।