ढेंकी से चावल कूटकर कल्पना सोरेन ने निभायी लोक परंपरा
टीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। झारखंड में पारंपरिक जीवनशैली और संस्कृति की झलक एक बार फिर देखने को मिली। स्वर्गीय शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म के दौरान उनकी बहू और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी, कल्पना सोरेन ने ढेंकी से चावल कूटकर परंपरा को जीवित रखने का संदेश दिया।
ढेंकी, जो कभी गांव-गांव में अनाज कूटने का अहम साधन हुआ करता था, आज आधुनिक मशीनों के दौर में लगभग विलुप्त हो गया है। लेकिन कल्पना सोरेन ने इसे इस्तेमाल कर न सिर्फ पूर्वजों की याद ताजा की, बल्कि यह भी बताया कि पारंपरिक विधान और रीति-रिवाज हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। यह दृश्य देखकर गांव की महिलाओं ने भी खुशी जताई और कहा कि यह हमारी पुरानी पहचान को संजोने की मिसाल है।