कमल सिंह लोधा
एबीएन सेंट्रल डेस्क (झालावाड़)। बीते रविवार 3 अगस्त को झालावाड़ जिले की तहसील गंगधार के गांव पीपाखेड़ी के शिव मंदिर धर्मशाला में संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में एक दिवसीय विशाल सत्संग और नि:शुल्क नामदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित विशेष सत्संग कार्यक्रम ने हजारों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक समागम नहीं बल्कि एक सामाजिक क्रांति का संदेश भी लेकर आया। संत रामपाल जी महाराज ने अपने प्रवचनों में समझाया कि यह दुर्लभ मानव जीवन केवल खाने-पीने, धन कमाने और भौतिक सुखों में खोने के लिए नहीं मिला है, बल्कि यह परमात्मा की भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।
उन्होंने बताया कि बिना सच्चे गुरु के मार्गदर्शन और शास्त्रानुकूल भक्ति के, आत्मा बार-बार जन्म और मृत्यु के चक्र में फंसी रहती है। सत्संग के दौरान उन्होंने वेदों, श्रीमद्भगवद गीता, पुराणों और अन्य धार्मिक ग्रंथों से प्रमाण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पूर्ण संत की शरण में जाकर ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।
सामाजिक कुरीतियां मैं योगदान सत्संग में केवल आध्यात्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में भी संदेश दिया गया:
- नशा मुक्ति, स्त्री-सम्मान, जात-पात से ऊपर उठकर समभाव
- सतभक्ति से जीवन की दिशा बदलना और
- विज्ञान और धर्म का समन्वयपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नामदीक्षा लेकर सत्य साधना का मार्ग चुना और संयमित जीवन जीने का संकल्प लिया।