त्रिवेणी दास
ॐ नम: शिवाय...
एबीएन सोशल डेस्क। पुराण के अनुसार मानसरोवर के पास अवस्थित कैलाश पर्वत पर भगवान शिव निवास करते हैं, अर्थात भगवान शिव के निवास का केंद्र बिंदु पवित्र कैलाश पर्वत है।
आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज ने भारत के चारों दिशाओं में अद्वैत सिद्धांत और सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए चार मठ ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ, उत्तर दिशा), शारदा मठ (द्वारका, पश्चिम दिशा), गोवर्धन मठ (पुरी, पूर्व दिशा), और श्रृंगेरी मठ (शृंगेरी, दक्षिण दिशा) की स्थापना करते हुए वहां शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की। साथ ही साथ देश के अनेक स्थानों में शिवलिंग स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा की।
देश भर में द्वादश ज्योर्तिलिंगम सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, नागेश्वर, रामेश्वरम, घृष्णेश्वर के स्वरूप में महादेव स्वयं प्रकट होकर विराजमान हैं।
सूक्ष्म स्वरूप में शिव व्यापक एवं सर्वत्र उपस्थित हैं। जन-जन के हृदय में परमात्मा के रूप में निवास करते हैं। प्रकृति के पांच तत्वों में उनकी शिवत्व क्रियाशील रहती है। मन तथा बुद्धि से परे चेतना के सहारे गहराई में उतरकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए श्रावण का महीना शुभ संयोग है।