- ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गायत्री परिवार अंतर्राष्ट्रीय जप-अनुष्ठान समूह ने अखंड दीप के सानिध्य में जप-अनुष्ठान एवं यज्ञीय संदेश दिये
- ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर गुरुसत्ता की सूक्ष्म उपस्थति और आशीर्वाद से 24 घंटे के गृहे गृहे आॅनलाइन अखंड जप एवं उसकी पूणार्हुति सोल्लास यज्ञीय अनुष्ठान से संपन्न हुई
- अखंड ज्योति की दैवी ऊर्जा क्रांतिकारी प्रकाश है : समूह साधक
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार साधकों ने ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आनलाइन जप-अनुष्ठान प्रतिनिधित्व में 24 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान किया गया और समूह प्रतिनिधि ने इस अवसर पर शुभेच्छा की कि ज्येष्ठ मास पावन पूर्णिमा के प्रकाश की तरह हम सबके भीतर भी दीप्तिमान प्रकाश एवं आत्मबोध हो तथा इस भाव से सामूहिक प्राप्त ऊर्जा को गुरुसत्ताश्री व मातृसत्ताश्री के चरणों में समर्पित करें।
यह आनलाइन जप-अनुष्ठान 10 जून 2025 मंगलवार सुबह 5 बजे से 11 जून 2025 बुधवार सुबह 5 बजे तक करके सोल्लास यज्ञीय कार्यक्रम से संपन्न किये गये। इस बाबत सभी से अनुरोध किया गया था कि इस दैवीय योजना में घर बैठे -बैठे सहयोग करें व गुरुवर श्रीआचार्य की सच्ची आराधना और राष्ट्र निर्माण के लिए सभी के लिए सद्बुद्धि व उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना भाव के साथ सभी अपने बहुमूल्य समय का एक अंश अवश्य देने का प्रयास करें।
जप-अनुष्ठान समूह में शामिल रांची साधक-शिष्य समूह प्रतिनिधि ने अपने संदेश में गुरुवर श्रीपूज्यवर वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीरामशर्मा आचार्यजी की प्रचंड ऊर्जा शक्ति संपन्न व सौभाग्यशाली अखंड दीपक की ज्योति पर लेखनी का हवाला पेश कर संदेश प्रेषण में अखंड ज्योति की महती महत्ता पर प्रकाश डालकर बताया कि अखंड ज्योति की दैवी ऊर्जा क्रांतिकारी प्रकाश है। यह युगान्तरकारी बदलाव का प्रतीक है। इसके दिव्य प्रकाश के समक्ष साधक अनुप्राणित, प्रकाशित और प्रभावित होते हैं।आगे संदेश में बताया कि यह ज्योति ज्वाला बनेगी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज का युग परिवर्तन एक लक्ष्य है उसका आधार ह : सत्प्रवृति संवर्धन और जन-मानस का परिष्कार।
21 वीं सदी युग परिवर्तन की अनेक महती संभावनाएं संजोए हूई है। इसमें मानवीय गरिमा को पुनर्जीवित करना है। अपने जप में गायत्री मंत्र के साथ महामृत्युंजय मंत्र और चंद्र गायत्री मंत्र को शामिल किया गया था। जप-अनुष्ठान समूह ने सभी के स्वस्थ-सुखद जीवन व प्रगतिशील वातावरण विस्तार और उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय मनोरथ सहित दिव्य ज्योति से प्रार्थना की। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के साधक सह प्रचारक जय नारायण प्रसाद ने दी।