घर-घर में हम यज्ञ रचायें- आओ भारत सबल बनायें
एबीएन सोशल डेस्क। घर-घर अलख जगाएंगे हम बदलेंगे जमाना यज्ञ रूप प्रभो! हमारे भाव उज्जवल कीजिए प्रज्ञागीत गायन, गायत्री महामंत्र के सस्वर पाठ और यज्ञीय अनुष्ठान विधान के संबंधित मंगलमय जयघोष के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान और मार्गदर्शन में रांची मुख्य शक्तिपीठ सेक्टर टू ,धूर्वा प्रज्ञापीठ बसस्टैंड, अलकापुरी, टाटीसिलवे चेतना केंद्र सहित रांची जिलांतर्गत अनेक प्रखंडों व पंचायतों में आज वैशाख मास एवं बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर गृहे - गृहे गायत्री यज्ञ संपन्न हुए।
इस अवसर पर गृहे गृहे गायत्री उपासना और ग्रामे ग्रामे यज्ञ अभियान अंतर्गत पहले समूह चर्चा हुई। बताया गया कि गायत्री और यज्ञ हमारी सनातन संस्कृति के माता पिता हैं। हमारे अवतार, ऋषि, मुनि, संत सभी ने इसी महाविद्या का आश्रय प्राप्त किया था। हमारे वेद और शास्त्र भी इसी गायत्री महामंत्र की गरिमा का गान करते हैं। परम् पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ युग ऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के सतत तप और पुरुषार्थ से वर्तमान समय में यह महामंत्र विश्व के कौने-कौने में गुंजायमान हो रहा है।
रांची जिला अंतर्गत सभी प्रखंडों, पंचायतों में विगत दिनों दिव्य ज्योति कलश रथ- भ्रमण दर्शन व पूजन-अर्चन और विभिन्न कार्यक्रम में उमड़कर जुड़े परिजनों की चर्चा की गई। वैशाख पूर्णिमा सह बुद्ध पुर्णिमा दिनांक 12 मई 2025 दिन सोमवार बुद्ध भगवान की जयन्ती है, उनके जीवन वृतांत और परिस्थितिजन्य स्मृतियों का स्मरण किया गया और इस सदी के युगावतार प्रज्ञावतार युग ऋषि, युग धर्म, युग साहित्य अखंड ज्योति, मासिक अखंड ज्योति पत्रिका, जप-अनुष्ठान पर संक्षिप्त प्रकाश डाला गया। बताया गया कि इस बार दो दिन दिन 11 मई रविवार छुट्टी दिन और 12 मई सोमवार को सम्पूर्ण विश्व में एक साथ एक दिन 24 लाख घरों में यज्ञ सम्पन्न कराने का लक्ष्य और निर्देश है।
आगे चर्चा हुई कि आसन्न वैश्विक संकटों से मनुष्यता की रक्षा एवं जन जन में सद्बुद्धि की स्थापना हेतु किये जा रहे इस महाप्रयोग में सबका सहयोग स्वागत योग्य हैं। सभी इकाई प्रमुख और पुरोहित द्वारा नि:शुल्क यज्ञ कराने एवं परिवार को देव परिवार के रूप में विकसित करने हेतु निर्धारित समय पर सुबह 9 से 12 बजे के मध्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पावन अवसर सभी कार्यक्रमों में हम यज्ञ क्यों करें, आज यज्ञ आवश्यक क्यों, इसकी महत्ता, उपयोगिता और आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। साथ ही आज हर माह की तरह अंतरराष्ट्रीय आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह प्रतिनिधित्व में आज 24 घंटे का जप-अनुष्ठान भी आयोजित है।
यज्ञीय अनुष्ठान में भारतीय सैन्य शक्ति संवर्धन व विजय हेतु देश रक्षा, सीमाओं में डटे हमारे सैनिकों में शक्ति संचार, शौर्य पराक्रम और आत्मबल संवर्धन हेतु निर्दिष्ट महामंत्र से विशिष्ट आहुति प्रदान की गई। और रांची शक्तिपीठ सेक्टर टू सहित सभी मंडलों में तथा प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वय समिति के सदस्यगणों ने घर-घर और समूह में यज्ञीय कार्यक्रम कराये और स्वस्थ-सुखद जीवन व प्रगतिशील वातावरण विस्तार तथा उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किए गए। अंत में शांतिपाठ व जयघोष कर कार्यक्रम समापन हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।