टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी समाज ने 1981 से मारवाड़ी समाज के खास पर्व गणगौर की राजस्थानी परंपरा की पुरानी विरासत को संजोये हुए गणगौर पूजा की सार्वजनिक व्यवस्था गणेश नारायण साबू चौक, सेवा सदन पथ, अपर बाजार स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में शुरू की।
गणगौर पूजा मारवाड़ी समाज का प्रमुख लोक पर्व है, जो होलिका दहन के दूसरे दिन से 16 दिनों तक चलने वाला यह पर्व मूलत: कुंवारी लड़कियों व सुहागन महिलाओं का त्योहार है। आज 1 अप्रैल 2025, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में सुबह 6 बजे से शुरू हुई गणगौर पूजा अपराह्न 2 बजे तक अनवरत चलती रही।
गणगौर मिलान एवं विसर्जन के लिए अपराह्न 3 बजे से मारवाड़ी समाज की महिलाओं के आने का सिलसिला जो शुरू हुआ वो संध्या 6 बजे तक जारी रहा। मंदिर परिसर में गणगौर मिलान एवं बड़ा तालाब में गणगौर विसर्जन घाट की व्यवस्था माहेश्वरी समाज के तीनों संगठन (श्री माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी महिला समिति, माहेश्वरी युवा संगठन) के सहयोग से सुचारू रूप से चला। माहेश्वरी भवन में लगायें गए गणगौर मेला में गणगौर विसर्जन करने आयी महिलाओं ने रात्रि 8 बजे तक मेला में बने लजीज व्यंजन का आनंद लिया।
इस महोत्सव को सफल बनाने में निवर्त्तमान अध्यक्ष मुख्य संयोजक शिव शंकर साबू, प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जी मारू रांची सभा अध्यक्ष किशन जी साबू, सचिव नरेंद्र लखोटिया उपाध्यक्ष गोवर्धन जी भाला, महिला अध्यक्ष भारती चितलांगिया, सचिव विमला फलोर, युवा अध्यक्ष विनय मंत्री, सचिव हेमंत चितलांगिया, कुमुद लखोटिया, शारदा लड्डा, लक्ष्मी चितलांगिया, अर्चना साबू, बसंत लाखोटिया, श्याम सुंदर पेड़ीवाल, मनोज काबरा (दामा), अशोक सोढाणी, राजेश सोमानी, दीपक मारू, मनीष मारू प्रकाश काबरा, ओमप्रकाश बोड़ा एवं समाज के तीनों संगठन के सदस्यों का सहयोग रहा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने दी।