एबीएन सोशल डेस्क। रांची गायत्री परिवार के 24 से अधिक सक्रिय भाई बहनों ने मिलकर रांची, बरियातू के जय प्रकाश नगर में घर-घर जाकर संपर्क किया। शांतिकुंज हरिद्वार का संदेश विचार क्रांति अभियान, मानव में देवत्व और धरती पर स्वर्ग का अवतरण का संदेश बताते हुए गुरुदेव रचित साहित्य अखंड ज्योति पत्रिका, हारिए न हिम्मत, गायत्री चालीसा, सनबोर्ड पर लगा हुआ देव स्थापना का फोटो प्रत्येक घर में उस साहित्य का महत्व बताते हुए प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के पूर्व वहां स्थानीय शिवमंदिर परिसर में दोपहर एक बैठक हुई और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृवत गुरुसत्ता परम वंदनीया गुरुमाता भगवती देवी के जीवन के योजना और क्रिया-कलाप को स्मरण किया गया और महिला मंडल प्रतिनिधियों द्वारा नारी जागरण आन्दोलन और नारी सशक्तिकरण आदि पर प्रकाश डाला गया।
नारी शक्ति परिवार व समाज की नींव है : महिला मंडल प्रतिनिधि
बताया कि नारी प्रकृति की बेटी है, नारी शक्ति परिवार और समाज की आधारशिला है, नींव है, सृष्टि की परम सौन्दर्यमयी सर्वश्रेष्ठ कृति है। महिला दिवस पर नारी जागरण, सशक्तिकरण, शिक्षण, प्रशिक्षण पर गायत्री परिवार महिला मंडल प्रतिनिधित्व में कार्यक्रम करते चचार्एं और विचार व्यक्त प्रस्तुत किये गये।
आध्यात्मिक माहात्म्य, धार्मिक विश्वास, देव पूजन आदि अनेक विषयों पर संक्षिप्त प्रकाश डाल बताया गया कि सामाजिक व सांस्कृतिक विकास परिदृश्य में नारी का महत्व कम नहीं है, अनेक क्षेत्र में अग्रगण्य एवं उन्नतिशील हैं। कहा कि समाज में फैली विकृति, कुसंसकृति, कुरीति उन्मूलन, अशिक्षा, अंधकार और अंधविश्वास और भटकाव को दूर करना है। अब नारी की उपेक्षणीय स्तिथि एवं दुर्गति, पिछड़ापन असह्य है। गायत्री परिवार मिशन की कार्यपद्धति, क्रिया-कलाप शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में चलाए जा रहे अनेक विषयों पर भी चरचाएं कीं।
बताया कि गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में 21वीं सदी में अनेकानेक प्रायोजित युग परिवर्तन का महान अभियान संचालन में महिला मंडल प्रतिनिधित्व के माध्यम से सर्वतोभावेन मातृ शक्ति को जाग्रत व समुन्नत करना है तथा घर घर अलख जगाकर लक्ष्य दिव्य वातावरण विस्तार करना है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के दीपक दयाल प्रसाद और जय नारायण प्रसाद ने दी।