एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने सपरिवार व इष्ट मित्रों के साथ प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में स्नान किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ (जो हिंदू धर्म की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण आस्था का प्रतीक है) न केवल धर्मावलंबियों के लिए एक पुण्य अवसर है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को भी सहेजने का माध्यम है।
महाकुंभ स्नान जो न केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रमाण है, बल्कि सामाजिक एकता और समर्पण का प्रतीक भी है। महाकुंभ का महत्व सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि यह समूचे समाज को एकजुट करने, शांति और सौहार्द बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो समाज में धार्मिक व सांस्कृतिक मान्यताओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।
उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है और महाकुंभ जैसे पवित्र अवसरों पर भागीदारी हमारी आस्था और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान न केवल व्यक्तिगत आस्था को प्रगाढ़ करते हैं, बल्कि समाज में धार्मिक सद्भावना और आपसी प्रेम का माहौल भी तैयार करते हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक 60 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज महाकुंभ में स्नान किया है। जो की एक विश्व रिकॉर्ड है। महाकुंभ में परिवार के आनंद अग्रवाल, निर्मल महलका, बद्री सरायका, तुषार, अमित, रजत, अनीता, अनुराधा, सीमा, अंशु, आयुषी, सहित कई लोगों ने स्नान किया।