एबीएन सोशल डेस्क। पूज्य गुरुदेवश्री का आत्मबोध- जन्मदिवस, सरस्वती पूजन, महायज्ञ एवं निःशुल्क विभिन्न संस्कार त्रिदिवसीय सोल्लास संपन्न हुए। दिव्य चेतना के साथ आत्म चेतना मिलन में अपनी योग्यता और क्षमता बढ़ानी चाहिए तथा अच्छा हो युग धर्म को पहचाना जाय... जय नारायण प्रसाद ने बताया। आगे आज का युग धर्म समयदान है, विषय पर गायत्री साधक जेएनपी ने अपने उद्बोधन में गायत्री महायज्ञ अनुष्ठान कार्यक्रम में बताया।
इस अवसर पर दो दिन 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ हुआ और श्रद्धावान लभते ज्ञानम्,भावनाशील वर्ग को युगांतरीय चेतना के साथ संबद्ध किया जाए। विचार क्रांति अभियान अपने समय का सशक्त महाक्रांति कहना चाहिए, हमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आएंगे भगवान, मन का मैल नहीं धोया तो कैसे आएंगे भगवान जैसे प्रज्ञागीत गायन परिव्राजक प्रमोद कुमार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गायत्री का शब्दार्थ और महामंत्र के भावार्थ पर प्रकाश डालकर,गायत्री परिवार, प्रज्ञा परिवार देवपरिवार, प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल का प्रतिनिधित्व प्रगति, स्वाध्याय मंडल, दीया ग्रुप, बाल संस्कारशाला संचालन, रांची जिला अंतर्गत ज्योति कलश रथ-दर्शन भ्रमण यात्रा, ज्ञान रथ संचालन, मासिक पत्रिका-अखंड ज्योति, युग निर्माण योजना, प्रज्ञा अभियान पाक्षिक के पाठक,नये ग्राहक सदस्य निर्माण,अगले दिनों रांची राजधानी शक्तिपीठ में प्रशिक्षण सत्र आदि अनेक विषयों पर वरिष्ठ साधक-शिष्यों द्वारा चर्चाएं हुईं।
वसंतोत्सव में सरस्वती पूजन वैदिक विधान से विस्तार पूर्वक गुरु-ईश वंदना, ध्यान नमन वंदन, स्वस्तिवाचन, रक्षा विधान, भजन-कीर्तन रांची गायत्री परिवार युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा, अलकापुरी, बस स्टैंड गायत्री प्रज्ञापीठ, टाटीसिलवे युग चेतना केन्द्र और चरणपीठों में वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य गायत्री परिवार एवं शान्तिकुञ्ज के संस्थापक पूज्य गुरुदेवश्री का आत्मबोध जन्मदिवस,सरस्वती पूजन नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कार, गायत्री दीपयज्ञ व विभिन्न संस्कारोत्सव सोल्लास व श्रद्धापूर्वक सैकड़ो साधक-शिष्यों द्वारा मनाया गया। इस दौरान रांची मुख्य शक्तिपीठ में प्रथम दिन 12 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान, दूसरे व तीसरे दिन 9-9 कुंडीय का यज्ञीय अनुष्ठान विधान हुए।
इस अवसर पर दो दिन यज्ञीय अनुष्ठान में पुंसवन संस्कार (गर्भस्थ शिशुदेव का पूजन), नामकरण, विद्यारम्भ, गायत्री महामंत्र दीक्षा संस्कार, मुण्डन संस्कार, जन्म दिवसोत्सव, विवाह दिवस संस्कारोत्सव पर यज्ञीय दिव्य महामंत्रों की आहुतियां प्रदान कर वसुधैव कुटुंबकम् के उज्जवल भविष्य हेतु सर्वे भवन्तु सुखिनः भाव से वंदना प्रार्थना सहित कार्यक्रम सोल्लास व श्रद्धापूर्वक संपन्न हुए।
कार्यक्रम में अन्य साधक-शिष्यों व सदसयों में रणवीर कुमार, जीतेन्द्र कुमार,राजेन्द्र कुमार, नरेन्द्र गुप्ता, एसके मिश्रा, सुनी वेदिया, नन्दू कुमार,कुणाल कुमार अग्रवाल,उत्सव कुमार, अभिषेक कुमार, राजू कुमार जैसे अनेकानेक सदस्यों ने समयदान सहयोग देकर आयोजन और भंडारे को सफल सुफल बनाया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह झारखण्ड प्रदेश प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।