यशस्वी जीवन व उज्जवल भविष्य के वैदिक मंत्रों से आशीर्वचन दिये गये
टीम एबीएन, रांची। गायत्री तीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धुर्वा में महिला मंडल प्रतिनिधियों ने मंजू पाण्डे परिवार में अपने पौत्र शिशु का जन्मदिवस संस्कार दीपयज्ञ में वैदिक विधान से मनाया। इस अवसर पर शक्तिपीठ पुजारी रणवीर कुमार ने जन्मोत्सव मनाने की खूबियों, विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जीवन में जन्मोत्सव भी एक व्रत धारण की तरह है।
व्रतों के बंधन में बंधा हुआ व्यक्ति किसी उच्च लक्ष्य की ओर अग्रसर हो सकने में समर्थ हो सकता है। कहा कि शुभ अवसरों पर भावनात्मक वातावरण में देवताओं की उपस्थिति में, अग्नि की साक्षी में व्रत धारण करना चाहिए और उनका पालन करने के लिए साहस एकत्रित करने चाहिए।
डफली पर प्रज्ञागीत गायन कर किया गया और थाली में दीपक सजा कर प्रज्ज्वलित कर पंच तत्वों का पूजन-अर्चन सहित अखंड दीपक की तरह हमें अखंड पात्रता प्राप्त हो, हमारी निष्ठा ऊर्ध्वमुखी हो, हम जीवन को कल्याणकारी मार्ग पर चलायेंगे जैसे सूत्रों से संकल्प कराकर दीपयज्ञ विधान हुआ। दीपयज्ञ विधान के उपरांत जन्मदिवस संस्कार कराया गया।
साथ ही बताया कि अपनी कमियों, खामियों व बुराइयों को संकल्पपूर्वक त्यागने के लिए जन्मदिवस का शुभ अवसर बहुत ही उत्तम है। अंत में आत्मबोध व वैदिक मंत्रों से आशीर्वचन पाठ कर शिशु के यशस्वी जीवन व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना पुष्प वर्षा से सभी ने उनके मंगलमय जीवन की जयघोष किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।