टीम एबीएन, रांची। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ आगामी 11 जनवरी, 2025 को मनायी जायेगी। यह बातें विश्व हिंदू परिषद, झारखंड-बिहार के सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने बतायी। डॉ साहु ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि में प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को जिस प्रकार से श्रीराम नवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और विवाह पंचमी जैसे त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार मनाये जाते हैं ठीक उसी प्रकार श्रीराम मंदिर की प्रतिष्ठा का वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में मनायी जायेगी।
ज्ञात हो कि प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी तदनुसार 22 जनवरी 2024 को की गयी थी। इस वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार यह तिथि 11 जनवरी, 2025 को पड़ेगी। अत: प्राण प्रतिष्ठा का वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को ही मनायी जायेगी। इस वर्ष श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 11 से 13 जनवरी 2025 तक तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करेगा।
कार्यक्रम में उन संतों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा के लिए बुलाया नहीं जा सका या जो किन्हीं कारणों से नहीं आ सके थे। श्रीराम मंदिर परिसर के अंदर और बाहर वार्षिक महोत्सव में आम जनता के भाग लेने की भी व्यवस्था की गयी है। 11 जनवरी को प्रात: काल से ही भोग प्रसाद वितरण, दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर श्रीरामलला का अभिषेक और भव्य आरती व संध्या बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम सह भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा । प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में पांच अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे, जिसमें श्रीराम मंदिर परिसर के यज्ञ मंडप में अग्नि देवता को आहुति दी जायेगी।
श्रीराम जन्मभूमि परिसर में तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ, श्रीराम कथा, प्रवचन, श्रीहनुमान चालीसा पाठ सहित कई कार्यक्रम होगा। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीले पर आम जनता के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंदिर परिसर के भीतर आयोजित कार्यक्रम में केवल आमंत्रित सदस्यों को ही भाग लेने की अनुमति होगी।