प्राकृतिक आहार एवं उपचार के माध्यम से सभी साध्य एवं असाध्य रोगों का होगा उपचार : संजय सर्राफ
टीम एबीएन, रांची। पवित्रम सेवा परिवार के तत्वाधान में 6 दिवसीय पूर्ण आवासीय-शरीर शुद्धि (विषाक्तता निवारण) प्राकृतिक उपचार शिविर 7 जनवरी 2025 से 12 जनवरी तक धनबाद में आयोजित की गयी है। झारखंड में पहली बार आयोजित इस शिविर में देश के कई चिकित्सक विशेषज्ञ तथा चिकित्सा टीम उपचार करने हेतु भाग लेंगे।
इस 6 दिवसीय आवासीय उपचार शिविर का उदेश्य आहार, जीवनशैली को ठीक करते हुए प्राकृतिक चिकित्सा शैलियों के माध्यम से शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ करना है। पवित्रम सेवा परिवार के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इस शिविर मे प्राकृतिक आहार एवं उपचार के माध्यम से सभी साध्य एवं असाध्य रोगों का उपचार किया जायेगा। शिविर मे भाग लेने हेतु रजिस्ट्रेशन की प्रकिया शुरू हो गयी है।
इस शिविर में चिकित्सा हेतु कुल 80 महिला एवं पुरुषों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। प्रतिदिन ओपीडी की भी व्यवस्था रखी गयी है। बाकी लोग ओपीडी के माध्यम से लाभ ले सकेंगे, जो नि:शुल्क रहेगा, शिविर के प्रेरणा के मुख्य स्रोत संस्था के संयोजक अजय भरतिया है। इस शिविर मे प्राकृतिक आहार एवं उपचार के माध्यम से सभी साध्य एवं असाध्य रोगों का उपचार मधुमेह, मोटापा, कब्ज, गैस, एसिडिटी, रक्तचाप, हृदय रोग, दमा, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, गर्दन दर्द, आंखों में जलन, त्वचा रोग, सर दर्द, अनिद्रा, तनाव, चिंता, मानसिक रोग आदि अनेक रोगों में स्थायी लाभ होता है।
रोग शरीर में एकदम उत्पन्न नहीं होते हैं। शरीर के अंदर लगातार विजातीय पदार्थ (गंदगी) जमा होने से रोगों की उत्पति होती है। घातक रोगों का अंत मृत्यु के रूप में होता है। इन सभी रोगों से बचने के लिए नियमित शरीर शुद्धि आवश्यक है। शिविर में किये जाने वाले उपचार- सूर्यवाष्प स्नान, नस्यपुरन, कल्प उपचार, अग्निहोत्र, प्राकृतिक आहार, जलोपचार, मिट्टी द्वारा उपचार, स्टीमबाथ भाप स्नान, रस्सी उपचार, योग निद्रा, रबर नेति उपचार, गरम पाद स्नान, योग- आसन, जलनेती, वमन (कुंजल) फॉल लपेट उपचार, कंबल लपेट उपचार, शरीर शुद्धि इस प्राकृतिक उपचार शिविर में भाग लेने वाले सभी शिविरार्थियों (साधकों) को एक प्राकृतिक उपचार की किट प्रदान की जायेगी।
जिसमें जलपोट, नेति रबर, एनिमा केथेटर, आईवास कप, सूर्य स्नान प्लास्टिक पॉलीथिन, गर्म पट्टी बड़ी, गर्म पट्टी छोटी, कॉटन पट्टी बड़ी, कॉटन पट्टी छोटी, रबर गरम बोतल, सुजोक रिंग, ऐनिमा पॉट, बैग, कॉन्फ्रेंस पैड, बॉल पैन दिया जायेगा। शिविर में भाग लेने वाले लोगों के लिए आवास हेतु सुव्यवस्थित कमरे एवं चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था है। पुरुषों एवं महिलाओं की अलग-अलग सामूहिक व्यवस्था है।
मात्र छह माह में एक बार शिविर करने से सभी प्रकार के रोगों से स्थायी मुक्ति शरीर के आंतरिक अंग लीवर, किडनी, रक्त, आंतों, हृदय, फेफड़ों की पूरी तरह से सफाई, मन तनाव रहित हो जाता है। आंतरिक आनंद, करुणा, दया, ममता, उत्साह, उमंग आदि गुणों में अद्वितीय वृद्धि होती है। शिविर में भाग लेने हेतु रांची के लोग 3 जनवरी तक संजय सर्राफ से भी संपर्क कर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उक्त जानकारी पवित्रम सेवा परिवार के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।