- हे विश्व के स्वामी महाप्राण ! हमें बुराइयों से छुडाएं और श्रेष्ठताओं से जोड़ें संकल्प वंदना सहित दीपयज्ञ विधान हुआ
एबीएन सोशल डेस्क। हम गायत्री मां के बेटे तुम्हें जगाने आएं हैं, जाग उठो भारत के वीरों तुम्हें बताने आएं हैं, हे गायत्री माता तेरी महिमा अपरम्पार हैं जैसे प्रज्ञा गीत स्वर लहर से मंगलमय वातावरण गुंजायमान करते हुए अखंड ज्योति दिव्य कलश रथयात्रा की योजना उद्देश्य, उसके स्वरूप एवं कार्यक्रम पर उद्बोधन के साथ गायत्री दीपयज्ञ हुआ।
आज दूसरे दिन प्रातःकाल गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू से ज्योति कलश रथ यात्रा चर्च रोड दाल पट्टी श्रीहनुमान मंदिर, गुदड़ी बाजार दुर्गा मंदिर पास, अपर चुटिया प्राचीन श्रीराम मंदिर, कतारी बागान सुरेश्वर धाम में दीप ज्ञान यज्ञ, अयोध्या पुरी में आवासीय सत्संग, मकचुन्द टोली हनुमान मंदिर होते कृष्णापुरी काली मंदिर में दीपयज्ञ कार्यक्रम हुआ।
सब जगह भक्तों श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धापूर्ण भाव से विधिवत दिव्य ज्योति कलश दर्शन व स्वागत सत्कार अभिनन्दन व पूजन-अर्चन किये। इस दौरान बताया गया कि अखंड ज्योति का प्रज्ज्वलन व माता भगवती देवी का अवतरण का 100 वर्ष होने जा रहा है।
इस उपलक्ष्य में गुरुवर श्रीपूज्यवर की तप साधना पूर्ण जीवन में 24 -24 लाख की 24 महापुरश्चरण की जप, तप और व्रत अनुष्ठान पर उद्बोधन किया गया। 24 अक्षर वाला गायत्री महामंत्र और 24 जिला वाला झारखंड प्रान्त पर जिक्र कर खुशी जाहिर की गया। बताया कि यह गायत्री युग शक्ति के रूप में अवतरित व नव सृजन शक्ति का अभियान है।
कई भक्तों ने यज्ञीय अनुष्ठान में देव- स्थापन कराया। इस अवसर पर गायत्री महामंत्र की महत्ता, विशेषता, आज की आवश्यकता, उपयोगिता, पुकार व लाभकारी सूत्रों पर प्रकाश डाला गया। अवतारी महाचेतना का यह आधार नवयुग निर्माण योजना का अभियान है, यह ईश्वरीय योजना है, दिव्य योजना है।
गुरुदेव श्रीप्रज्ञावतार का ऋषि चिंतन व भविष्य का क्रियान्वयन है। यह ऋषि युग्म की तप, त्याग तितिक्षा के साक्षी अखंड ज्योति के प्रकाश को जन-जन तक, घर-घर तक केन्द्रों व संस्थानों तक पहुंचाए जाने का संकल्प है, इस दिव्य ज्ञान व ज्योति प्रकाश से प्रकाशित करने वाला भाव से ज्योति कलश रथयात्रा है। उक्त जानकारी परिवार के जय नारायण प्रसाद और कुणाल किशोर अग्रवाल ने दी।