आज का युग धर्म समयदान है : शांतिकुञ्ज
युग धर्म निभाने को जो भी अकुलाता है, उस जागृत आत्मा को महाकाल बुलाता है : प्रज्ञागीत गायन कर विदा किये गये
एबीएन सोशल डेस्क। शांतिकुञ्ज मुख्यालय हरिद्वार में पधारे 5 प्रांतीय जोन से पधारे साधक-शिष्य एवं अपने अंग अवयवों को संबोधित कर बताया गया। साथ ही हमारी वसीयत और विरासत, दिव्य अवतारी चेतनाएं, सुनसान के सहचर, महाशक्ति की लोक यात्रा, गायत्री महामंत्र, अश्वमेधीय महायज्ञ, संस्कार प्रकरण, अनुष्ठान कार्यक्रम आयोजन, मनुष्य में देवत्व का उदय, परिवार समाज में सुख शांति संवर्धन, धरती पर स्वर्ग का अवतरण, विचार क्रांति अभियान, युग साहित्य स्वाध्याय, नित्य सत्संकल्प पाठ आदि अनेक गुह्य विषयों पर अनेक वक्ता महानुभावों के संबोधन में साधक-शिष्य भाई-बहनों को विस्तार से बताया गया।
इस हेतु प्रशिक्षण में झारखंड एवं बिहार जोन के करीब 700 परिजन शामिल हुए। इस हेतु प्रशिक्षण में क्षेत्र में कार्य हेतु समयदान निर्धारित कर संकल्प पत्र भरा गया।
कार्यक्रम समापन के दूसरे दिन शांतिकुञ्ज गुरुधाम गायत्री मंदिर से देव संस्कृति विश्वविद्यालय में महाकाल प्रज्ञेश्वर भगवान की सामूहिक परिक्रमा जुलूस यात्रा की गयी और आशीर्वाद स्वस्तिवाचन पाठ कर विदा किये गये। दिव्य ज्योति कलश का स्वागत सत्कार स्वस्तिवाचन कल रांची में होगा। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।