टीम एबीएन, डोरंडा/ रांची। रांची महाधर्मप्रांत के सभी संतों के गिरिजा, डोरंडा में आज एक साथ तीन पर्व मनाया गया। पल्ली दिवस, नवाखानी का पर्व मनाने के साथ ही डोरंडा पल्ली के 61 कैथोलिक बच्चों को महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद द्वारा दृढ़करण संस्कार प्रदान किया गया।
डोरंडा पल्ली के विश्वासियों के लिए आज का दिन विशेष रहा क्योंकि आज पल्ली दिवस, नवाखानी पर्व और दृढ़करण संस्कार का दिन रखा गया। इस अवसर पर रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद ने पल्ली के कैथोलिक विश्वासियों के लिए पर्व का मिस्सा बलिदान अर्पित करने के साथ ही 61 व्यस्कों को दृढ़करण संस्कार प्रदान किया।
इस विशेष उपलक्ष्य में उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि: हमें ईश्वर का वचन सुनने की आवश्यकता है और न सिर्फ सुनने की बल्कि सुन कर उसे अपने जीवन में लागु करने की जरूरत है क्योंकि इसी से ही हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होता है। मिस्सा के अंत में महाधर्माध्यक्ष और सभी पुरोहितों का पल्लीवासियों ने जोरदार स्वागत किया और उनका आभार प्रकट किया।
पल्ली दिवस, नवाखानी एवं दृढ़करण संस्कार के दिन सांस्कृतिक समारोह का भी आयोजन किया। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में संत मदर तेरेसा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम भी अपने जीवन को संतों के समान बनाएं। इसमें पल्लीवासियों ने रंगारंग प्रस्तुति से लोगों का हृदय जीत लिया। महाधर्माध्यक्ष ने पल्ली के विश्वासियों को और मजबूत बनने और बच्चों को उनके विश्वास तथा कलीसिया के विस्तार में अपनी सहभागिता दशार्ने जैसे गुणों के विकास करने में उनकी अगुवाई करने की सलाह दी।
डोरंडा के पल्ली दिवस नवाखानी, एवं दृढ़करण संस्कार के दिन के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह में रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद के आलावा, डोरंडा के पल्ली पुरोहित फा पीटर सांगा, सहायक पल्ली पुरोहित फा माईकल नाग, सहायक पल्ली पुरोहित फा अमित डुंगडुंग, फा जॉर्ज, आर्चबिशप के सेक्रेटरी फा असीम मिंज, धर्मबहनें एवं हजारों की संख्या में ख्रीस्त विश्वासी शामिल हुए।