इस अवसर पर व्यवस्थापक ने बताया कि श्रावणी पर्व ब्राह्मणत्व और ऋषित्व के अभिवर्धन का पर्व है
एबीएन सोशल डेस्क। शुकवार सावन माह त्रयोदशी दिवस पर गायत्री युग तीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू परिसर में सुबह युगावतार महाकाल का रूद्राभिषेक पूजन विस्तार से महिला मंडल द्वारा कराया गया। अपराह्न में गायत्री महिला मंडल प्रतिनिधित्व एवं भारत विकास परिषद रांची मध्य शाखा के संयुक्त तत्वावधान में सावन महोत्सव हर्षोल्लास और सानंद मनाया गया।
महिला मंडल ने देवमंच बनाया, सजाया और भगवान भोलेनाथ परिवार देवगणों का पंचोपचार पूजन किया। इस दौरान पीठ व्यवस्थापक टीम को मंगल तिलक कर स्वागत अभिनन्दन किया गया। आयोजक टीम ने गायत्री महामंत्र का मंत्रोच्चारण, गुरु-ईश ध्यान नमन वंदन किया। दीप प्रज्ज्वलित कर सावन महोत्सव आयोजन का शुभारंभ किया गया और सावन माह के पर्व त्यौहार और महोत्सव आयोजन पर प्रकाश डाल बताया कि श्रावण मास अनेक पौराणिक महत्व से भरा हुआ है।
इस अवसर पर व्यवस्थापक ने बताया कि श्रावणी पर्व ब्राह्मणत्व और ऋषित्व के अभिवर्धन का पर्व है। इस पावन मास में वेद पूजन व ऋषि पूजन का महत्व है। वेद अर्थात् सद्ज्ञान और ऋषि अर्थात सद्ज्ञान को सत्कर्म में परिणित करने कष्ट- साध्य साहसिक तपश्चर्या और भूल का प्रायश्चित करना। यह शिखा स्थापन, सिंचन, यज्ञोपवीत व द्विजत्व के संकल्प का एक प्रकार वार्षिक नवीनीकरण संस्कार है। इसका निरीक्षण व विश्लेषण करते रहना चाहिए।
सहायक साधक ने बताया कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी महीने में भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को पीकर देवगणों और दुनिया को हानि से बचाने और दुष्प्रभावों से बचाया था। इन संदेशों के पश्चात भारत विकास परिषद के बैनर तले महिला मंडल ने हरियाली पर्व पर प्रकाश डाला। सभी हरे रंग निशान, पोशाक परिधान श्रृंगार में शामिल थीं।
इनके महत्व पर प्रकाश डालकर अपना सावन का सांस्कृतिक महोत्सव हर्षोल्लास व सानन्द मनाया। बताया कि सावन माह का आनंद एक अलग ही पहचान है। इन दिनों में सर्वत्र हरियाली की छत्रछाया छायी व दिखायी पड़ती है, जो तन-मन को उल्लास, उत्साह से आनन्दित करती है। फिर बम बम बोलो, जय जय बोलो भोलेनाथ की मंगलमय ध्वनि से वातावरण गुंजायमान किये और सबका परस्पर स्नेह सौहार्द व सत्कार कर लोकगीत, प्रज्ञागीत, भजन-कीर्तन एवं नृत्य करते हुए खूब आनंद मनाया।
अंत में सबको प्रसाद व प्रीति पेय कराके सबको हार्दिक बधाई व धन्यवाद देकर शांतिपाठ व वंदना कर सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन और आनंदमय मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं कर समापन किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद और व्यवस्थापक जटाशंकर झा ने दी।