नवयुग सृजन योजना अभियान में सृजन विद्या विषय पर हुआ सत्संग
बताया कि शिक्षा में विद्या का समावेश आवश्यक है
टीम एबीएन, रांची। रांची गायत्री परिवार युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा में महिला मंडल प्रतिनिधित्व में आज गुरुवार को स्वाध्याय पाठ-संवाद में शिक्षा व विद्या का विषय रहा। भौतिकी शिक्षा, साक्षरता, भौतिक ज्ञान विज्ञान एवं आध्यात्मिक ज्ञान विज्ञान और विद्या पर स्वाध्याय पाठ-संवाद हुआ। इसके अंतर्गत शिक्षा, साक्षरता, भौतिक ज्ञान, कला कौशल, ज्ञान-विज्ञान, विद्या, अध्यात्म, स्वाध्याय, सरकारी नौकरी उद्देश्य से शिक्षा, ज्ञान प्राप्त करना, सामाजिक सेवा, लोक सेवा भाव रखना आदि पर गुरुवर श्रीआचार्य के युग साहित्य पर स्वाध्याय,विचार-विमर्श और विश्लेषण हुए।
इसमें बुद्धि विवेक में परिष्कृत अभिरूचि रखना, स्नेह-सौहार्द, स्वच्छता, सज्जनता, शालीनता में सौष्ठव, मधुरता, विनम्रता सुव्यवस्था दर्शन, आकर्षण व झलक में विद्या से युक्त होना चाहिए और दिखायी पड़नी चाहिए। विचार संवाद में विद्या ददाति विनयम पर चर्चा हुई। कहा गया कि विद्या एक बहुत सुंदर सराहनीय व महत्वपूर्ण संपदा है।
पात्रता है, यह मानव को मानसिक सामाजिक, आध्यात्मिक स्तर पर सद्कर्म, सद्ज्ञान, सद्विचार-विमर्श में समृद्ध करता है। इसके साथ साथ भजन-कीर्तन युग-गायन भी किया गया। आज इस बीच बारिश भी तेज हो रही थी। फिर भी सत्संग में महिला मंडल सदस्यगणों ने उल्लास व उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी अच्छी बनाये रखा। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।