जप व यज्ञीय अनुष्ठान में दैवी सत्ता के समक्ष शुभकामना व साष्टांग प्रणाम का विधान व भावार्थ बताया
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज तत्वावधान में एकादशी व्रत उपवास, जप-अनुष्ठान राष्ट्रीय आनलाइन प्रतिनिधित्व में गायत्री साधक समूह आनलाइन जप- अनुष्ठान में 24 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान आज 17 जुलाई सुबह 4 बजे से कल 18 जुलाई गुरुवार को सुबह 4 बजे तक अपना समय निर्धारित कर शुरू किये।
मौके पर आनलाइन संचालन प्रतिनिधिमंडल ने सभी से अनुरोध किया कि इस दैवीय योजना में घर बैठे सहयोग करें व राष्ट्रीय नवनिर्माण के लिए,सभी के लिए स्वस्थ-सुखद जीवन,सबको सद्बुद्धि प्राप्ति व उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना भाव के साथ सभी साधक अपने बहुमूल्य समय का एक अंश अवश्य देने का संकल्प ले जप-अनुष्ठान में योगदान करें।
इस पावन अवसर पर शक्तिपीठ सेक्टर टू परिसर में स्थानीय पीठों एवं मंडल शाखाओं और गृहे गृहे आवासीय तपोवन में साधकों ने भागीदारी की है। प्रात:काल से शक्तिपीठ सेक्टर टू में साधकों ने जप-अनुष्ठान के साथ यज्ञीय अनुष्ठान किये। इसमें साधक सदस्यों ने मंगलाचरण से रक्षा विधान में गुरु-ईश व सर्वदेव आवाह्न नमन वंदन सहित षोडशोपचार, स्वस्तिवाचन पाठ कर यज्ञीय विधान किया।
यज्ञीय अनुष्ठान विधान में यज्ञाचार्य ने क्षमा प्रार्थना, शुभकामना व साष्टांग नमन-वंदन का विधान व भावार्थ सोदाहरण बताया। कई साधकों ने सर्वे भवन्तु सुखिन: व वसुधैव कुटुंबकम् कल्याणार्थ भाव से गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय मंत्र के साथ अन्य सहायक मंत्रों के भी जप किये।
गुरुवार महिला मंडल प्रतिनिधित्व में रांची शक्तिपीठ में समूह जप, सत्संग व स्वाध्याय पाठ होगा।आगामी चंद्रायण व्रत-उपवास संबंधित आध्यात्मिक कायाकल्प जप-अनुष्ठान की भी आनलाइन समूह संदेश में चर्चा हुई। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।