घर के बुजुर्गों के लिए बेहतरीन मौका, इस साल इन तीर्थ स्थलों का कर सकेंगे दर्शन, ऐसे करें आवेदन
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना एक फिर राज्य में शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को इसाई धर्मावलंबियों का एक जत्था गोवा के लिए रवाना हो गया। हटिया स्टेशन से सैकड़ों इसाई तीर्थ यात्री गोवा के लिए रवाना हुए। यह कार्यक्रम 8 दिनों का है।
जिसमें उनके साथ एक कॉर्डिनेटर भी होगा जो उन्हें गाइड करेगा और उनका ध्यान रखेगा। पर्यटन विभाग ने लोगों को रहने और खाने की सुविधा दे रहा है। अगर आप भी इस योजना के बारे में जानना चाहते हैं तो हम इस आर्टिकल में आपको पूरी जानकारी देंगे।
यह योजना बीपीएल कार्डधारी गरीब वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जो पैसे की कमी के कारण किसी भी तीर्थ स्थल पर नहीं जा पाते हैं। यह योजना हिंदू, मुस्लिम और इसाईयों के लिए है। इस योजना के अंतर्गत हिंदू धर्म धर्मावलंबियों के लिए 20 जुलाई से लेकर 27 जुलाई 2024 तक द्वारिका सोमनाथ की यात्रा करायी जायेगी।
इस यात्रा के लिए आवेदन करने की अंतिम आखिरी तारीख 15 जुलाई 2024 है। वहीं मुस्लिम धर्मवलंबी इस योजना के तहत अजमेर फतेहपुर सिकरी का दर्शन कर पायेंगे। जिसका कार्यक्रम 2 से 8 अगस्त निर्धारित किया गया है। इस यात्रा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2024 है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए यात्रियों को अपना आवेदन प्रखंड/ जिला/ अनुमंडल या नगर निगम कार्यालय में दे सकते हैं। बस शर्त ये है कि आप स्थानीय निवासी होने के साथ-साथ बीपीएल कार्डधारी हो और आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपने इससे पहले इस योजना का लाभ नहीं लिया हो।
अगर आप किसी को अपने साथ सहायता के लिए लेकर जाना चाहते हैं तो परिवार के किसी एक सदस्य को ले जा सकते हैं। यदि कोई समूह में यात्रा करना चाहता है तो पूरे समूह के तरफ से एक ही आवेदन मान्य होगा। इस समूह में लोगों की संख्या 25 से अधिक नहीं होनी चाहिए। जो कि सरकार के इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं उन्हें आवेदन करते समय दो फोटो चिपकाना अनिवार्य है।
इसके अलावा आपको अपने साथ स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र भी साथ रखना होगा। आप इसके लिए प्रूफ के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, मतदाता पहचान पत्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी एक प्रमाण पत्र को दे सकते हैं। इसके अलावा आपको फिट फॉर ट्रैवल सर्टिफिकेट भी देना होगा।
तीर्थयात्रियों का चयन जिला स्तरीय प्रबंधन समिति करेगी। पहले आओ और पहले पाओ के तहत लोगों को चयनित किया जायेगा। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है तो एक अतिरिक्त प्रक्रिया भी लागू होगी। समर्पित आवेदनों को पर्यटन विकास निगम को दिया जायेगा।