एबीएन सोशल डेस्क। स्वस्थ और सुखी जीवन मनुष्य की प्रमुख आवश्यकता रही है* विश्व योग दिवस पर गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा में गायत्री साधक-शिष्य गण , परिव्राजक टीम तथा युग निर्माण कन्या विद्यालय के विद्यार्थियों ने आज योग दिवस बड़े उत्साहपूर्वक मनाया।
इस अवसर पर योग शिक्षक विजय कुमार यादव ने योग, आसन, व्यायाम व प्राणायाम की दिशा और धारा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योगासन अभ्यास, व्यायाम व प्राणायाम जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं। कहा कि स्वस्थ और सुखी जीवन मनुष्य की प्रमुख आवश्यकता रही है।
समाज के किसी भी स्तर में रहने वाला व्यक्ति स्वस्थ सुखी जीवन की आवश्यकता अनुभव करता ही है। स्वास्थ्य केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक और आत्मिक भी होता है।
भारतीय जीवन पद्धति तो हमेशा से शारीरिक, मानसिक, आत्मिक स्वास्थ्य का महत्त्व दर्शाती रही है। आज के चिकित्सा विज्ञानी भी रोगों का कारण शरीर के अलावा मन में भी खोजने लगे हैं। मन को भी स्वस्थ व प्रसन्न रखना आवश्यक है।
इस अवसर पर अनेक प्रकार के खड़े होकर, बैठकर, लेटकर करने वाले आसन,अभ्यास योग व प्राणायाम कराया और शुद्ध आहार-विहार करने के लिए नियम-संयम के सूत्र बताये। उक्त जानकारी व्यवस्थापक जटाशंकर झा और रांची जिला समन्वयक गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा रांची के जय नारायण प्रसाद ने दी।