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सतलोक आश्रम उड़दन बैतूल में दूसरे दिन 151 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह

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सतलोक आश्रम उड़दन बैतूल में  दूसरे दिन 151 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह
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मौके पर 456 यूनिट रक्तदान भी किया गया 

कमल सिंह लोधा की रिपोर्ट 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बैतूल। भारत में कबीर पंथ से कई समुदाय ताल्लुक रखते हैं, लेकिन वे उन्हें केवल सतगुरु मानते हैं और उनकी जयंती मनाते हैं। वहीं दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज भी कबीर पंथी हैं लेकिन एक नयी जानकारी मिली कि संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी कबीर जयंती नहीं बल्कि कबीर प्रकट दिवस मनाते हैं।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कबीर साहेब जी का 627वां प्रकट दिवस है और इस उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में सतलोक आश्रम उड़दन बैतूल में तीन दिवसीय महाविशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। कई दिनों से आश्रम में महा समागम की जोरों शोरों से तैयारियां चल रहीं थीं और दिनांक 20 जून 2024 को शुरू हुए इस विशाल भंडारे का आज दूसरा दिन है। जिसका समापन कल अर्थात 22 जून को होगा। 

समागम में लगातार लाखों श्रद्धालुओं का आना जारी है और साथ ही संत गरीब दास जी महाराज द्वारा बोली गई वाणियों का संग्रह अमर ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ संत रामपाल जी महाराज जी के मुखारविंद से पहले ही दिन प्रारंभ हो चुका है। यह भंडारे का दूसरा दिन है और अनुमान है कि लाखों की तादाद में श्रद्धालु भंडारा ग्रहण करने पहुंचे है। आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध घी से निर्मित हलवा प्रसाद वितरित किया जा रहा है। 

बात पकवानों की करें तो उसमें पूड़ी राम, सब्जी राम, रोटी जिसे संत रामपाल जी के अनुयाई फुल्का राम कहते हैं, बीमार लोगों के लिए दलिया व मिष्ठान के रूप में लड्डू, जलेबी, बर्फी व विभिन्न प्रकार की मिठाईयां भी भंडारे में परोसी जा रही हैं। चूंकि यह कबीर परमेश्वर जी का प्रकट दिवस है इसलिए कबीर साहेब जी के प्रकट होने की लीला व उनके द्वारा बाद में की गयी लीलाओं पर आधारित आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसे देखकर आने वाले श्रद्धालु बहुत ही आनंदित हो रहे हैं।

इसके साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज जी जिन शास्त्रों को आधार बताते हुए सत्संग प्रवचन करते हैं उन्हें भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है ताकि लोगों की शंकाओं का समाधान किया जा सके। संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेने के लिए नि:शुल्क नामदीक्षा की भी व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी की गयी है जिससे आगंतुकों को भी असुविधा न हो। 

साथ ही हाईवे पर ट्रैफिक जाम जैसी समस्या उत्पन्न न हो। उसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। समागम के दूसरे दिन समाज से दहेज नामक कुप्रथा को खत्म करने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में सतलोक आश्रम बैतूल में कुल 151 जोड़ों की दहेज रहित शादियां संपन्न हुईं। इन विवाहों में किसी प्रकार की फिजूलखर्ची नहीं की गई, न ही दहेज का लेनदेन हुआ। 

बल्कि ये विवाह बहुत ही सभ्य व साधारण तरीके से गुरुवाणी द्वारा 33 करोड़ देवी-देवताओं की स्तुति करते हुए 17 मिनट में संपन्न हुए इस विशेष अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा सामाजिक व परोपकारी कार्य रक्तदान को कैसे भूला जा सकता था। यहीं कारण था कि समागम के दूसरे दिन 21 जून को रक्तदान शिविर भी लगाया गया, जिसमें संत रामपाल जी के अनुयायियों द्वारा 456 यूनिट रक्तदान किया गया। 8138 अनुयायियों ने देहदान के संकल्प फार्म भरे। साथ ही संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान को समझकर 2108 नयी पुण्यात्माओं ने नि:शुल्क नामदीक्षा लेकर अपने मानव जीवन को सफल बनाया।

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