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गायत्री को महामंत्र और सभी मंत्रों का मुकुटमणि भी कहा गया है : लक्ष्मण प्रसाद मंडल

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गायत्री को महामंत्र और सभी मंत्रों का मुकुटमणि भी कहा गया है : लक्ष्मण प्रसाद मंडल
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एबीएन सोशल डेस्क। शक्तिपीठ सेक्टर टू के यज्ञशाला में उपाचार्य मंडल ने बताया कि ब्रह्म गायत्री है और गायत्री ही ब्रह्म है। इसलिए जो गायत्री की उपासना करता है, वह ब्रह्म की ही उपासना करता है।  गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है- छंदों में मैं गायत्री छंद हूं। गायत्री को कामधेनु भी कहा गया है; क्योंकि गायत्री साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और साधक के सभी कष्टों का निवारण भी करती हैं। 

इसके साथ गायत्री की उत्पति, महिमा, जयंती, गंगा अवतरण की कथा, महिमा और परम पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी संक्षिप्त जीवन कथा, उनकी कठोर तपस्या, 24-24  लाख का गायत्री महापुरश्चरण, हिमालयन ऋषि सत्ता की संसद में चार बार बुलावे व भागीदारी विषय पर आध्यात्मिक चर्चा हुई। 

गायत्री महामंत्र दीक्षित साधक-शिष्य को उनके द्वारा दिए पांच सूत्रों पर प्रकाश डालते हुए उपासना साधना आराधना समयदान और अंशदान की आवश्यकता एवं महत्ता को स्मरण कराया। कहा कि आज का समयदान ही युग धर्म है।  सात सूत्रीय अभियान कार्यक्रम, संचालन पर भी ध्यान आकर्षित कर समयदानी की संख्या हर इकाई में बढने की जरूरत बताया। 

गत 23 मई को गृहे गृहे यज्ञीय अनुष्ठान से निकले नये नये परिवारों व परिजनों को हर प्रखंड व पंचायत स्तर पर नवगठन व नवसृजन अभियान में आस्तिकता,  आध्यात्मिकता से जोड़ कर गुरुदेव श्रीप्रज्ञावतार की योजना को सफल सुफल बनाना है। इस माध्यम से  राष्ट्र के नवनिर्माण में  व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण व समाज कल्याण के साथ भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रति अधिकाधिक परिजनों को जोडने के सूत्रों पर प्रकाश डाला गया। 

इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ सहायक हारमोनियम गायक उपाचार्य रोशन शर्मा और उपाचार्य रणवीर सिंह  ने प्रज्ञागीत के बोल के स्वर लहर मिलाये... भगीरथ तो गये किन्तु गंगा उनकी गुण गाती है,आज स्वयं गायत्री माता गुरुवर ! तुम्हें बुलाती है। गायन-वादन के बाद गुरु, गंगा, गायत्री, गौरी, गणेश और ब्रह्मा विष्णु महेश सहित सर्वदेव आवाह्न नमन वंदन, षोडशोपचार, स्वस्तिवाचन एवं रक्षा विधान पाठ करके 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ अनुष्ठान कर जप-अनुष्ठान की पूर्णाहुति की गयी। 

अलकापुरी शक्तिपीठ व सेक्टर टू में चार चार पाली में यज्ञ हुआ और दर्जन भर  गायत्री महामंत्र की गुरुदीक्षा, विवाह दिवस संस्कार, नामकरण सहित कई संस्कार हुए। अनिल कुमार शर्मा के सानिध्य में टाटीसिलवे में कार्यक्रम संपन्न हुआ।  सर्वत्र मंगलमय वातावरण विस्तार और सबके स्वस्थ-सुखद व मंगलमय जीवन के लिए शुभकामना पाठ हुआ। यज्ञ के उपरांत भोजन प्रसाद ग्रहण किये गये। उक्त जानकारी व्यवस्थापक जटाशंकर झा और रांची जिला समन्वयक जय नारायण प्रसाद ने दी।

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