एबीएन सोशल डेस्क। बीड़ी सिगरेट और तम्बाकू ये स्वास्थ्य सम्पदा के ये हैं डाकू, सोचो समझो, बचो नशे से, जीवन जीओ बड़े मजे से। नशा नाश की जड़ है भाई, इससे दूर रहना है चतुराई।आदि अनेक गुह्य नारों व जयघोषों में नशे का भयानक स्वरूप का पोस्टर बैनर लिए व्यसन मुक्त अभियान रैली में गायत्री परिवार साधकों ने प्रदर्शन किया गया।
व्यसन मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा रांची से साधकों ने नशा उन्मूलन दिवस शुकवार को भारत राष्ट्र के नव निर्माण में व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत महा अभियान के तहत प्रभात फेरी रूप में एक रैली निकाली।
गायत्री साधकों ने बताया कि जैसा कि हम अवगत हैं कि आज समाज में व्यसन के कारण भगवान का राजकुमार कहा जाने वाला मनुष्य नशेबाजी में फंसकर पशुओं जैसा दीन-हीन जीवन जी रहा है। व्यसन के बाद इंसान पशु बन जाता है। व्यसन से परिवार व समाज पर पड़ने वाले अनेक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाले गये।
इस व्यसन को समाज से मुक्त करने हेतु पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशानुसार युवा मंडल, महिला मंडल, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा मंडल, ट्रस्ट मंडल, प्रज्ञा मंडल, आओ गढे संस्कार पीढ़ी मंडल, बाल संस्कार मंडल तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार रांची के स्थानीय सदस्यों के सहयोग से आज शुकवार को सुबह-सुबह साढ़े छह से साढ़े सात बजे नशा-मुक्त भारत के अंतर्गत विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया गया तथा नशामुक्त रैली प्रभातफेरी के रूप में निकाली गयी।
कई वरिष्ठ साधकों ने आगे बताया कि व्यसन विनाश का सोपान है। गायत्री परिवार ईश्वर ने मनुष्य को अनेक दुर्लभ विभूतियां प्रदान की हैं, ताकि वो मनुष्यता का कर्तव्य निभा सके। स्वयं सुखी-आनन्दित रहते हुये पर्याप्त भौतिक एवं आध्यात्मिक प्रगति कर सके तथा अपनी शेष प्रतिभा को विधाता की बनाई इस सुन्दर प्रकृति को सुरक्षित रखते हुये इसके निरंतर विकास में अपना योगदान कर सके।
कहा कि कैसी विडम्बना है कि प्रकृति का मुकुटमणि मनुष्य, दुर्बुद्धि के कुचक्र में फंस कर अपनी सुरदुर्लभ क्षमताओं को व्यसन / नशे में बर्बाद कर रहा है। अतः युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं० श्रीराम शर्मा आचार्य जी की प्रेरणा से अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा योग युक्त और व्यसन मुक्त भारत का अभियान चलाया जा रहा है।
देश के नागरिकों को व्यसन से बचाकर उनके समय, धन, साधन, प्रतिभा, योग्यता एवं शक्ति को राष्ट्र के नव सृजन में लगाने का संकल्प पूर्ण हो, पूर्ण हो पूर्ण हो का जयघोष हुआ। इसके साथ ही नशा उन्मूलन पर अनेकानेक प्रज्ञागीतों, नारों व जयघोषों से क्षेत्र का पूरा वातावरण गुंजायमान करते हुए मार्ग के श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।
प्रभात फेरी रैली शक्तिपीठ से भूसरू मैदान चौराहे से हो मुहल्ले मुहल्ले, पेट्रोलियम पम्प विधान सभा, सेक्टर टू मार्केट से पंचमुखी हनुमान मंदिर से होकर पुनः शक्तिपीठ सेक्टर टू वापस आई। सभी ने शक्तिपीठ में सभी के लिए तीन कुण्डीय महायज्ञ में शामिल कराकर सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन और आनन्दमय वातावरण विस्तार और सबके उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ व हवन-यज्ञ विधान किया गया।
यज्ञीय व्यास पीठ ने बताया कि करोड़ों साधकों का व्यसन मुक्त परिवार यज्ञीय अनुष्ठान में देव दक्षिणा में व्यसनों से मुक्ति और जन जागरण पर प्रकाश डाला। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।