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पुरुष सूक्त, श्रीसूक्त पाठ और दीपयज्ञ कर 108वें एकादशी व्रत जप-अनुष्ठान की पूर्णाहुति

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पुरुष सूक्त, श्रीसूक्त पाठ और दीपयज्ञ कर 108वें एकादशी व्रत जप-अनुष्ठान की पूर्णाहुति
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ईश्वरीय चेतना के विराट स्वरूप एवं उद्देश्यों को हम पहचानें... पर चर्चा हुई 

  • गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज के तत्वावधान में परम पूज्य श्रीगुरुसत्ता द्वय के सूक्ष्म सानिध्य और आशीर्वाद से आनलाइन जप-अनुष्ठान  

टीम एबीएन, रांची। समूह संचालन प्रतिनिधिमंडल में मोहिनी एकादशी पर 24 घंटे का अखंड जप गृहे गृहे आवासीय तपोवन में रांची स्थित पीठों, झारखंड सहित भारतीय प्रान्तों के अनेक प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल, स्वाध्याय मंडल व स्थानीय शाखाओं के गायत्री साधक-शिष्यों व सदस्यों ने मोहिनी एकादशी दिवस पर आध्यात्मिक पूजा-पाठ जप-अनुष्ठान आज सुबह पूरे किए। 

समूह प्रतिनिधि ने इस दैवीय योजना मे घर बैठे बैठे राष्ट्र कल्याण व नवनिर्माण के लिए सभी के लिए सद्बुद्धि व उज्ज्वल भविष्य हेतु समूह साधना व प्रार्थना में अपने बहुमूल्य समय देने के लिए हृदय से धन्यवाद व आभार प्रकट किये। कुछ दीदी ने इस अवसर पर कई गीत संदेश माध्यम से साधकों को प्रोत्साहित किये। 

इस पावन पुनीत अवसर पर कई साधक सदस्य गण एकादशी पर अपने जप-अनुष्ठान का 108 वां एकादशी व्रत-उपवास दिवस के रूप में मनाये तथा जप, तप, व्रत करके गायत्री दीपयज्ञ विधान से पुर्णाहुति की। इसमें वैदिक विधान से तैंतीस कोटि देवपूजन-अर्चन, विराटरूप पुरुष सूक्त व श्रीसूक्त से श्रीसद्गुरु गुरुमाता, वेदमाता, देवमाता गायत्री माता सहित श्रीलक्ष्मीनारायण का विस्तार से षोडशोपचार व स्वास्तिवाचन पाठ किये तथा ईश्वरीय दिव्य चेतना के विराट स्वरूप एवं उद्देश्यों को पहचानें और उसके निमित्त अपने साधनों व क्षमताओं को अर्पित करते हुए उन्हें सार्थक एवं धन्य बनायें पर प्रकाश डाला गया। 

साथ ही बहुत उल्लास व उत्साह पूर्वक गायत्री व सविता देवता की स्तुति में सर्वत्र मंगलमय व शुभ वातावरण व शुद्ध पर्यावरण के लिए पावन बना दो हे देव सविता की स्तुति की और गायत्री महामंत्र की 108 आहुतियां और उसके करीब एक दर्जन सहायक मंत्रों  एवं महामृत्युंजय महामंत्र की दिव्य आहुतियां प्रदान कर आरती बाद वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: की मंगलमय प्रार्थना की गयी। 

अंत में सत्संकल्प पाठ, शांति पाठ एवं जयघोष और सर्व देवों का नमन-वंदन  व विसर्जन का मंगल पाठ कर हंसी खुशी आनन्दमय अनुभूति सहित समापन किया। इस बीच राष्ट्रीय स्तर की बाल संस्कारशाला संचालन प्रतिनिधि रेखा पटवा दीदी ने बताया कि इस अवसर पर कई मंडलों में शांतिकुञ्ज के मार्गदर्शन में बाल संस्कारशाला के सैकड़ों नन्हें किशोर  साधक गण भी बैशाख मास शुक्ल पक्ष में 9 दिवसीय जप-अनुष्ठान में शामिल हैं। इसकी पूर्णाहुति पूर्णिमा पर होगी। उक्त जानकरी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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