एबीएन सोशल डेस्क। शांतिकुंज तीर्थ के तत्वावधान एवं मार्गदर्शन में जूम के आनलाइन माध्यम से 30 अप्रैल 2021 से प्रारंभ हुई सामूहिक नवयुग सृजन साधना ने सफलता पूर्वक नियमितता एवं निरंतरता के साथ 30अप्रैल वर्ष 2024 को 3 वर्ष सफलता व सोल्लास पूर्ण किये।
नित्य सायं 8 से 9 बजे सीधा शांतिकुञ्ज मार्गदर्शन में संचालित होने वाली सामूहिक स्वाध्याय साधना से भारत से ही नहीं, देश-विदेश से कई परिजन जुड़ करके आनलाइन के माध्यम से इस क्रम को पूरे भाव के साथ करते हैं। विशेष बात यह है कि इस सामूहिक साधना में वरिष्ठ साधक परिजनों से भी अधिक संख्या बच्चों की है, जिन्होंने इस वर्ष 2024 की चैत्र नवरात्रि में 5000 से भी अधिक संख्या में एक साथ मिल कर सामूहिक गायत्री मंत्र-जप व लेखन से अनुष्ठान संपन्न किया, अपने कार्य स्वयं किये तथा घर का बना भोजन ग्रहण कर संयम की साधना भी की।
ये नन्हें बच्चे, किशोर, किशोरी व युवा युगऋषि के सद्विचारों एवं पर्व-संदेशों एवं प्रज्ञा गीतों को छोटे-छोटे वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से सोशल मीडिया के माध्यम से जमकर अद्भुत क्रांति करने में लगे हुए हैं। उनका प्रकृति संवर्धन से जुड़ा सभी का यह अनिवार्य संकल्प है, जिसमें घर में आने वाले गुठली वाले फलों के सभी गुठलियों को इकट्ठा कर मानसून आने पर उसकी पौध तैयार की जाती है एवं उन पौधों को उपयुक्त सुरक्षित स्थान पर आरोपित किया जाता हैं।
इसे गुठली बीज संरक्षण अभियान कहा गया। गुरुसत्ताश्री के आशीर्वाद से यह बच्चे एवं किशोर किशोरियां अपने हम उम्र बच्चों को स्वाध्याय साधना एवं ध्यान से अनेक बच्चों को जोड़ रहे हैं और साधना की शक्ति को नवसृजन में लगा रहे हैं।
नन्हे बच्चे किशोर किशोरी साधक-शिष्यों के अपने संकल्पित प्रयास से जुड़कर और सफल सुफल साधना अनुष्ठान को गतिशील क्रम व सुपरिणाम पर शान्तिकुञ्ज मुख्यालय से प्राप्त लिखित आशीर्वाद पत्र पर सभी ने हृदय से खुशी, प्रसन्नता एवं उत्साह का अनुभव प्रकट किये।
उक्त जानकारी राष्ट्रीय आनलाइन जप-अनुष्ठान व स्वाध्याय मंडल के रेखा पटवा और गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।