लोका: समस्ता: सुखिनो भवन्तु मंगलपाठ, प्रार्थना व जयघोष
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज के तत्वावधान में रांची गायत्री शक्तिपीठें, प्रज्ञापीठें, मंडल इकाइयों एवं गृहे गृहे आवासीय तपोवनों तथा आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह में शामिल साधक-शिष्यों ने नववर्ष चैत्र नवरात्र नौदिवसीय अनुष्ठान की मंगलमय यज्ञीय अनुष्ठान किए और महापूर्णाहूति विधिवत वैदिक विधान से गुरु-ईश वंदना करके प्रभु श्रीरामलला व पंचायतदेव सहित सर्व देवपूजन विराट षोडशोपचार व स्वास्तिवाचन पाठ कर सोल्लास व श्रद्धापूर्वक संपन्न किया।
नौदिवसीय साधना अनुष्ठान में देश-विदेश से जुड़े सभी वरिष्ठ साधक एवं नन्हे साधक जनों ने गायत्री महामंत्र एवं महामृत्युंजय महामंत्र का सामूहिक जप अनुष्ठान, मंत्र लेखन, ध्यान व स्वाध्याय में शामिल हुए और साधना अनुष्ठान की ऊर्जा शक्ति भगवत सत्ता व गुरुसत्ता के चरणों में नवयुग सृजन और विश्व कल्याण हेतु समर्पित किये। यज्ञीय अनुष्ठान की महापूर्णाहुति में साधकों ने सत्प्रवृत्ति संवर्धन, अशुभ निवारण, धर्म की जय, सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन, सर्वत्र मंगलमय वातावरण विस्तार और लोका समस्ता: सुखिनो भवन्तु भाव से यज्ञ भगवान की स्तुति वंदना की गयी।
नौदिवसीय अनुष्ठान काल में स्वाध्याय मंडल में साधक-शिष्यों ने पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम आचार्य की लिखित पुस्तक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, रामायण की प्रगतिशील प्रेरणा, राम का नाम ही नहीं काम भी और रामायण में पारिवारिक आदर्श जीवन दर्शन पर सप्ताह स्वाध्याय पाठ व संवाद हुए। महापूणार्हुति उपरान्त जय-जय श्रीराम सहित कई मंगलमय जयघोष हुए। अंत में शांतिपाठ कर समापन किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।