झारखंड
सरेंडर करनेवाले नक्सलियों में नाबालिग से लेकर करोड़ के इनामी भी
ABN Bureau
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12 Apr, 2024
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कोई एक करोड़ का इनामी, कोई नाबालिग… झारखंड में 15 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
टीम एबीएन, रांची। लोकसभा चुनाव से पहले झारखंड के सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल हुई। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में बृहस्पतिवार को वांछित मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े एक नाबालिग और दो महिलाओं के साथ 15 माओवादियों ने अपने हथियार डाल दिये। पुलिस ने यह जानकारी दी।
नक्सली दक्षिणी झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में एशिया के सबसे घने जंगल सारंडा में ये ग्रुप सक्रिय था। यहां सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बृहस्पतिवार को 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
वो सारंडा में सक्रिय थे और भाकपा (माओवादी) पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के दस्ते के सदस्य थे, जिसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम है। पश्चिमी सिंहभूम को देश के सबसे ज्यादा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में से एक माना जाता है।
पिछले साल यहां 46 माओवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 22 लोगों की मौत हुई थी।
पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया की यह एक बड़ी उपलब्धि है और सिंहभूम निर्वाचन क्षेत्र में बिना किसी डर के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में ये घटना एक महत्वपूर्ण योगदान देगी।
पुलिस मुख्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है की संयुक्त सुरक्षा बलों ने विशेष रूप से माओवादियों के ईआरबी (पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो) कमान को निशाना बनाया और हमारे निरंतर अभियानों के बाद कोल्हान क्षेत्र से उनके ईआरबी मुख्यालय को नष्ट कर दिया गया है।
एक बयान में कहा गया है कि यह बात काफी महत्वपूर्ण है कि ये सभी लोग पश्चिमी सिंहभूम जिले के निवासी हैं और माओवादी नेताओं की करतूतों से असंतुष्ट हैं। जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पण करने वाले कुछ माओवादी सात-आठ सालों से सक्रिय थे।
झारखंड की सिंहभूम लोकसभा सीट के माओवादी गढ़ के कई अंदरूनी इलाकों में 13 मई को पहली बार या दशकों के लंबे अंतराल के बाद मतदान होगा। सारंडा में रहने वाले लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में सक्षम बनाने के लिए मतदान कर्मियों और सामग्रियों को हेलीकॉप्टरों से पहुंचाया जाहैगा।
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