- गायत्री महामंत्र के अखंड जप- अनुष्ठान में गायत्री साधक वसुधैव कुटुंबकम् की सर्वे भवन्तु सुखिन: भाव से गुरु-ईश व देव पूजन-अर्चन कर वंदना, प्रार्थना की
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह प्रतिनिधित्व में आज आमलकी एकादशी दिवस पर गायत्री परिवार शिष्य-साधक समूह में नन्हें शिशु साधक भी शामिल हुए। इस अवसरपर एकादशी व्रत-उपवास के महत्व, आध्यात्मिक कायाकल्प पर चर्चा हुई।
शक्तिपीठों, मंडलों, इकाइयों और गृहे गृहे अपने आवासीय तपोवन में 24 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान अभियान में शामिल हुए। प्रतिनिधि ने सभी से अनुरोध किया कि इस दैवीय योजना में घर बैठे बैठे सहयोग करें व भारत राष्ट्र के नवनिर्माण, सर्वत्र सद्विचार विस्तार, एक बनेंगे-नेक बनेंगे, सबके लिए उज्वल भविष्य की प्रार्थना करने में अपने बहुमूल्य समय का एक अंश अवश्य लगाने की अपील की।
इस अवसर पर भारत राष्ट्र के साथ विश्व के कई साधक भी प्रतिनिधित्व व मार्गदर्शन में भागीदारी कर गुरु-ईश, ब्रह्मा, विष्णु, महेश सहित सर्वदेव- पूजन, षोडशोपचार व स्वस्तिवाचन पाठ कर जप-अनुष्ठान में शामिल हुए। कई साधकों ने गायत्री महामंत्र व महामृत्युंजय महामंत्र के साथ अपने अभीष्ट लक्ष्य पूर्ति हेतु अन्य सहायक मंत्रों के भी जप किये।
जप-अनुष्ठान बुधवार सुबह चार बजे से शुभारंभ होकर गुरुवार सुबह संपन्न होगा। ज्ञातव्य हो कि इस बीच आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह के अनेकानेक साधक-शिष्य इस दौरान गत 14 फरवरी से 24 मार्च तक विश्व स्तरीय आनलाइन गृहे गृहे 40 दिवसीय विशेष जप-अनुष्ठान अभियान भी शांतिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में चलाये जा रहे जप-अनुष्ठान अभियान और नव सृजन साधना अभियान में दर्जनों शिशु साधक-शिष्य भी भागीदार एवं समयदानी बने हैं।
सभी साधक-शिष्य व भाई-बहनों ने अपनी प्रसन्नता-खुशी जाहिर कर सबको हृदय से धन्यवाद दिया तथा सर्वे भवन्तु सुखिन: तथा वसुधैव कुटुंबकम भाव से सबको सुस्वास्थ्य, सुखमय वातावरण विस्तार और उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।