मात्र 4 माह कार्य दिवस में त्वरित सुनवाई करते हुए सुनायी गयी सजा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दितीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने सुनायी सजा, 25000 जुर्माना भी लगाया
जुर्माना की राशि नहीं देने पर 1 वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी
टीम एबीएन, कोडरमा। पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के एक मामले की मात्र 4 माह कार्य दिवस में त्वरित सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को आरोपी दिलीप पंडित 40 वर्ष, पिता- कमल पंडित काको जयनगर जिला- कोडरमा निवासी को 302 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनायी। साथ ही 25000 जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 1 वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला वर्ष 2023 का है। इसे लेकर जयनगर थाना कांड संख्या 90/ 2023 एवं 90/2023 दर्ज किया गया था। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक पीपी एंजेलिना वारला ने किया। इस दौरान सभी 7 गवाहों का परीक्षण कराया गया। लोक अभियोजक पीपी एंजेलिना वारला ने कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय से अभियुक्त को फांसी की सजा देने का आग्रह किया।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से एल ए डीसी डिप्टी चीफ किरन कुमारी ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया। बताते चले कि न्यायालय ने एक दिन पूर्व आरोपी को दोषी उठहराया था।
क्या है मामला
कोडरमा- इसे लेकर मृतक संगीता देवी के पिता इतवारी पंडित ने जयनगर थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि उसकी पुत्री की शादी 23 वर्ष पहले देवेंद्र पंडित उम्र 40 वर्ष पिता कमल पंडित, काको, जयनगर, कोडरमा निवासी के साथ हुई थी। शादी के बाद उसकी पांच लड़की और एक लड़का है।
इधर, 6 -7 वर्षों से दोनों के बीच लड़ाई- झगड़ा होते आ रहा था। कई बार हम लोग समझने गए और समझाएं भी, पर कोई फायदा नहीं हुआ। 9 मई 2023 के सुबह 6 बजे मोहल्ले के लोगों के द्वारा फोन आया कि देवेंद्र पंडित (आपका दामाद) आपकी पुत्री का गला दबाकर हत्या कर दिया है। तब हम लोग वहां पहुंचे तो देखें कि मेरी बेटी मृत अवस्था में पर पड़ी हुई है।
दामाद से पूछताछ किया तो वह कुछ भी नहीं बोला। आस पड़ोस से पता चला कि मेरा दामाद ही उसकी हत्या गला दबाकर कर दिया है। उनके द्वारा अपने दामाद देवेंद्र पंडित पर पुत्री की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगायी गयी थी।