टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में आयोजित पांच दिवसीय 47वां अश्वमेध महायज्ञ अनुष्ठान आयोजन नवी मुंबई कार्पोरेट पार्क खारघर में बहुत ही हर्षोल्लास व उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस महायज्ञ में महाराष्ट्र के सिवाय कई विदेश के तथा भारतीय कई प्रांतों के भी गायत्री भक्त शामिल हुए।
इसमें मंगलमय शक्ति कलश शोभायात्रा में 11 हजार से भी अधिक साधक-शिष्यों की विभिन्न प्रांतीय परम्परा व संस्कार की शानदार झांकी सहित शक्ति कलश यात्रा रही। इस महायज्ञ में 33 कोटि देवों का विराट पूजन विस्तृत षोडशोपचार व स्वास्तिवाचन पाठ के साथ विराट दीपयज्ञ व महापूर्णाहूति शांतिपूर्वक आज सुसंपन्न हुआ।
इस महायज्ञ में अनेक प्रांत के साधक-शिष्य व भाई-बहन गण शामिल हुए और समयदान देकर इसे सफल सुफल और मंगलमय वातावरण में सहयोग किया। आवासीय, खान-पान, नल जल, शौच आदि सभी व्यवस्था सुविधाजनक रही। यह अश्वमेध विराट महायज्ञ 1008 कुंडीय था। विराट दीपयज्ञ भी शानदार रहा।
महायज्ञ शाला, संस्कारशाला, प्रवचन ज्ञानमंच, विचारमंच, शांतिकुञ्ज का अन्य विभिन्न स्टाल यज्ञपिता, गायत्री माता, पूज्यवर व माता जी, वेदमाता गायत्री का जीवन वृतांत प्रदर्शनी, देवात्मा हिमालय, पुस्तक प्रदर्शनी महायज्ञ का दिव्य वातावरण में रहा।
सर्वजनहिताय सर्वजनसुखाय, वसुधैव कुटुंबकम, सर्वे भवन्तु सुखिन: भाव से विधिवत शक्ति कलश पूजन से लेकर दिव्य देवहुतियां भक्ति, श्रद्धा और उद्देश्यपूर्ण भाव से दी गयीं और भारत सहित विश्व कल्याण व सर्वत्र शान्तिमय वातावरण व सबके लिए उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किया गया।
महायज्ञ में के विभाग में झारखंड के करीब 400 साधक सदस्य गण अपना समयदान व योगदान दिया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।