कोडरमा। सनातन संस्कृति और हिन्दू परंपरा में मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। हमारे सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य के लिए एक अभीष्ट मुहूर्त निर्धारित है। वहीं कुछ अवधि ऐसी भी होती है जब शुभ कार्य के मुहूर्त का निषेध होता है। उक्त बातें मां तारा ज्योतिष संस्थान के आचार्य अनिल मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि इस बार सूर्य 16 दिसंबर से धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस दिन से ही खरमास आरंभ हो जाएगा, जो 15 जनवरी 2022 तक रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान सभी प्रकार के शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, सगाई, गृहारंभ व गृह प्रवेश के साथ व्रतारंभ एवं उद्यापन आदि वर्जित रहते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही मकर संक्रांति भी कहा जाता है, खरमास का समापन होगा। इस दिन के बाद पुनः मांगलिक कार्य आरंभ हो जायेंगे। आचार्य अनिल मिश्रा ने कहा कि जब सूर्य गोचरवश धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो इसे क्रमश: धनु संक्रांति व मीन संक्रांति कहा जाता है। सूर्य के धनु राशि व मीन राशि में स्थित होने की अवधि को ही खरमास कहा जाता है। यह महीना दान-पुण्य के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। इस समय में किए गए दान-पुण्य का अधिक फल प्राप्त होता है। इस मास में गरीबों को अन्नदान, भोजनदान, वस्त्र दान आदि करना चाहिए। इससे अशुभ ग्रहों की पीड़ा दूर होती है। यह मास भगवान विष्णु एवं शिव की उपासना, जप-तप आदि के लिए भी उत्तम होता है। इस माह में ईष्ट का ध्यान, पूजन, मंत्र जप सर्वसिद्धिदायक होता है।